प्रखंड व अंचल कर्मियों का आवास जर्जरफोटो नं. 30 कैप्सन-ऐसे ही जर्जर भवन में रहने को विवश हैं प्रखंड व अंचल के कर्मचारी. प्रतिनिधि, अमदाबाद प्रखंड परिसर में अवस्थित सरकारी भवन जर्जर हो गया है. जानकारी के अनुसार वर्ष 1959-60 में अमदाबाद को प्रखंड का दर्जा मिला था. इसके बाद अमदाबाद में प्रखंड कार्यालय सह अंचल कार्यालय का निर्माण किया गया. इसी के साथ सरकारी कर्मियों के लिए भी प्रखंड परिसर में ही सरकारी आवास बनाया गया है. गौरतलब हो कि समय-समय पर प्रखंड कार्यालय व अंचल कार्यालय की मरम्मती होती रही, लेकिन सरकारी कर्मी में प्रखंड विकास पदाधिकारी का आवास छोड़ कर एक भी भवन की मरम्मती नहीं की गयी है जो काफी जर्जर हो गया है. इस जर्जर भवन में रहना जोखिम भरा है. सबसे बड़ी बात तो यह है कि सरकारी आवास का रूम रेंट कर्मी के मानदेय से कट जाता है, लेकिन यहां पर प्रखंड विकास पदाधिकारी व अंचल पदाधिकारी को छोड़ कर एक भी कर्मी का रूम रेंट नहीं कटता है. यहां तक कि सरकारी कर्मियों ने सरकारी आवास में रहने से मना भी कर दिया गया है. लेकिन देहात क्षेत्र होने के कारण रूम भी भाड़ा पर नहीं मिलता है. कर्मी लाचार होकर जर्जर भवन में रहने को विवश हैं. अंचलाधिकारी कुमार रवींद्र नाथ ने कहा कि यहां पर अंचलाधिकारी को रहने के लिए भी भवन नहीं है. उन्होंने बताया कि प्रखंड परिसर में चिकित्सा पदाधिकारी के रूम में मैं जबरन रह रहा हूं. सवाल उठता है कि बीडीओ के आवास की मरम्मती होती है तो अन्य प्रखंड व अंचल कर्मियों के लिए बने आवास का मरम्मत क्यों नहीं होती है. यह बात सरकारी कर्मियों को खल रही है. सभी कर्मियों ने आवास मरम्मती की मांग की है.
प्रखंड व अंचल कर्मियों का आवास जर्जर
प्रखंड व अंचल कर्मियों का आवास जर्जरफोटो नं. 30 कैप्सन-ऐसे ही जर्जर भवन में रहने को विवश हैं प्रखंड व अंचल के कर्मचारी. प्रतिनिधि, अमदाबाद प्रखंड परिसर में अवस्थित सरकारी भवन जर्जर हो गया है. जानकारी के अनुसार वर्ष 1959-60 में अमदाबाद को प्रखंड का दर्जा मिला था. इसके बाद अमदाबाद में प्रखंड कार्यालय सह […]
