मनसाही : प्रखंड क्षेत्र के कुरेठा पंचायत के मुसहरी बलवा में मंगलवार को समाज की सुख-शांति और सौहार्द्र के साथ कुरेठा बलुआ गांव में 72 घंटे का अखंड हरिनाम संकीर्तन की शुरुआत पूरे वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ की गयी.
संकीर्तन का उद्घाटन पंचायत के मुखिया मुकेश कुमार उरांव ने फीता काटकर किया. इस अवसर पर उन्होंने देश एवं समाज के हित में किये जा रहे इस संकीर्तन के आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए इस पुनीत कार्य में सभी को सहयोग देने की भी अपील की.
संकीर्तन शुरू होने के पहले 151 कन्याओं के द्वारा भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गयी. कलश यात्रा मुसहरी बलवा से गुजरते हुए मुण्डा टोल, पंचवर्गा, बलवा यादव टोलो होते हुए विभिन्न गली मुहल्लों से गुजरते हुए स्थानीय बलवा कुंडी से कलश में जल भरकर वापस यज्ञ स्थल तक पहुंची. कलश यात्रा संपन्न होने के बाद यज्ञ की शुरुआत के लिए वैदिक मंत्र उच्चारण का जय घोष हुआ.
इसके बाद पंचायत के मुखिया मुकेश उरांव द्वारा फीता काटा गया. यज्ञ की शुरुआत हरे राम हरे कृष्णा के ध्वनि के साथ शुरू हो गया. संकीर्तन को भव्य बनाने के लिए राधा कृष्ण एवं हनुमान की प्रतिमा के साथ-साथ दर्जनभर विभिन्न देवी देवताओं की लीला करते हुए आकर्षक प्रतिमाएं भी लगायी गयी है. जिसे देखने के लिए श्रद्धालु भक्तों की भीड़ बलुआ गांव पहुंच रहे हैं.
संकीर्तन को सफल बनाने के लिए स्थानीय युवा एवं प्रबुद्ध लोग पूरी तन्मयता के साथ अपने-अपने कार्यों को अंजाम तक पहुंचाने में सहयोग कर रहे थे. उधर प्रशासन भी यज्ञ को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने को लेकर जगह-जगह तैनात दिखी. ग्राम रक्षा दल के लोग भी यज्ञ स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को संभालते नजर आये. यज्ञ को संपन्न करने में स्थानीय लोग भी तन मन धन से अपना सहयोग भी दे रहे हैं.
नागराज को देखने के लिए उमड़ी भीड़
मनिहारी. मनिहारी गंगा घाट पर तांतीटोला निवासी सुदाम दास नागराज को देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी. कार्तिक पूर्णिमा के दिन लाखों श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे. सुदाम दास नागराज गंगा घाट पर एक मंदिर बनाये हुए है. वहां सभी देवी देवता का पूजा कर रहे है.
सुदाम दास नागराज अपने गले में नाग लेकर पूजा अर्चना कर रहे थे. जो आकर्षण का केन्द्र रहा. सुदाम दास नागराज ने बताया कि मनिहारी गंगा घाट पर 55 वर्षों से पूजा कर रहे है. इस स्थान पर हमेशा नाग मेरे साथ रहता है. उन्होंने बताया कि नाग के साथ सोते है. गंगा मां का हम दिन रात पूजा करते हैं.
