फुटपाथी दुकानदारों को दुकान लगाने को नहीं मिली जगह

कटिहार : शहर में समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कवायद पब्लिक साइट का हिस्सा बनती ही रहती है. ऐसे मौके पर पुलिस व प्रशासनिक कार्रवाइयों के साथ सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़े किये जाते रहे हैं. कुछ लोग इसे सही व जरूरी भी करार देते हैं. इन सबके बीच मूल समस्या जस […]

कटिहार : शहर में समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कवायद पब्लिक साइट का हिस्सा बनती ही रहती है. ऐसे मौके पर पुलिस व प्रशासनिक कार्रवाइयों के साथ सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़े किये जाते रहे हैं. कुछ लोग इसे सही व जरूरी भी करार देते हैं. इन सबके बीच मूल समस्या जस की तस रह जाती है. शहर के सबसे बड़े सब्जी व फल बाजार न्यू मार्केट से ऐसे फुटपाथी दुकानदारों को खदेड़ने की कोशिशों का इतिहास जितना लंबा रहा है इतना ही उनके वापस लौट आने का भी है.

दरअसल इनके पीछे आजीविका की वही पुरानी और मौलिक समस्या है. जिसे हल करने की कोशिश का अभाव साफ-साफ दिखता है. वर्ष 2014 में प्रोटेक्शन ऑफ लाइवलीहुड एंड रेगुलेशन ऑफ स्ट्रीट वेंडिंग एक्ट के प्रभावी होने के बाद भी निगम क्षेत्र में फुटपाथी दुकानदारों के लिए स्थितियां बदली नहीं हैं. दूसरी तरफ शहर की सड़कों पर निर्वाध आवागमन अहम समस्या बनी हुई है. जिसका निराकरण प्रशासन के लिए अक्सर सिर दर्द साबित होता रहा है.
ट्रैफिक के बढ़ते दबाव, सड़कों के किनारे अतिक्रमण और इसके साथ आजीविका की चुनौतियां, ये सारे मामले एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. इन सबके बीच इनके निराकरण के लिए मजबूत प्रशासनिक इच्छा शक्ति का अभाव भी है. सरकार के वेंडिंग एक्ट के आलोक में आजीविका सुरक्षा के साथ शहर को सुव्यवस्थित बनाने की प्रक्रिया की पड़ताल करती प्रभात खबर की यह रिपोर्ट.
निर्वाध यातायात भी जरूरी
एक्ट के मुताबिक सड़कों पर निर्वाध आवाजाही या यातायात का भी ख्याल रखा जाना जरूरी है. बाजार एवं सड़कों को वर्तमान अराजकता एवं अवरोध से मुक्त करने के साथ सुगम एवं रुकावट रहित यातायात व्यवस्था बहाल करना प्रशासनिक जिम्मेदारियों का हिस्सा है. वेंडिंग एक्ट के सही क्रियान्वयन से बड़ी हद तक इस समस्या का निराकरण संभव है.
निरंतर बढ़ रहा फुटपाथ दुकानदारों का अतिक्रमण
फुटपाथ दुकानदारों का शहर की सड़कों पर लगातार अतिक्रमण बढ़ रहा है. समय के साथ साथ ऐसे आजीविका चलाने वाले लोगों की तादाद में वृद्धि जारी है.
शहर के शहीद चौक के आसपास आइसक्रीम रिक्शा, चाट गोलगप्पे, मौसमी फल बेचने वाले समेत अलग-अलग तरह के वेंडर सड़क किनारे अपनी दुकानें लगाते हैं. इनमें से कुछ दुकानदार मौसम के अनुरूप ठेला या जमीन पर फल बेचते हैं. पिछले कुछ समय से इनकी संख्या में निरंतर इजाफा हुआ है. यही हाल ओल्ड बाटा चौक, रेलवे स्टेशन रोड, राजेंद्र प्रसाद पथ, गर्ल्स स्कूल रोड आदि का है.
आंदोलन भी हुआ
फुटपाथी दुकानदारों को अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत हटाए जाने के विरोध में अखिल भारतीय कामगार कांग्रेसी समित अन्य संघों ने पिछले कुछ समय से इस मुद्दे पर अपनी एकजुटता प्रदर्शित कर आंदोलन भी चलाया है. इनकी मांग फुटपाथ दुकानदारों को वेंडिंग जोन विकसित कर उसमें आजीविका व्यवसाय के लिए जगह मुहैया कराने की रही है.

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