कोर्ट से . रंजिश में की गयी थी तीन वर्षीय राहुल की हत्या
मामला मनसाही थाना क्षेत्र के अरमेरा गांव का
कोर्ट ने 10-10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
कटिहार : व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय प्रथम अच्युतानंद उपाध्याय की अदालत ने गुरुवार को मनसाही थाना अंतर्गत अरमेरा गांव के चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी. अदालत ने चारों अभियुक्तों बासुदेव चौधरी, विजय चौधरी, लड्डू चौधरी व युवराज चौधरी को भादवि की धारा 364 के अंतर्गत दोषी पाये जाने पर 10 वर्ष, भादवि की धारा 201 के तहत सात वर्ष तथा धारा 302/34 के तहत दोष सिद्ध हो जाने पर सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. सभी अभियुक्तों को अर्थदंड के रूप में दस-दस हजार रुपये का भुगतान का भी आदेश दिया है.
सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. मनसाही थाना में दिये फर्द बयान में सूचक ने कहा था कि आठ सितंबर, 2007 को वे मनसाही हाट से जब अपने घर आये, तो जानकारी मिली कि उनका तीन वर्षीय पुत्र राहुल कुमार शाम के समय आंगन से दरवाजे की ओर जाने के क्रम में गायब हो गया. अगले दिन मामले की सूचना थाने में दी गयी. सूचक अपने परिवार व ग्रामीणों के साथ राहुल की काफी खोजबीन किया, लेकिन उसकी पता नहीं चला. अपने बयान में सूचक ने घटना का कारण एक ही दिन पूर्व संपन्न हुए प्राथमिक विद्यालय भरमारा के शिक्षा समिति के चुनाव की रंजिश को बताया. गांव के ही बासुदेव चौधरी पिता झकसू चौधरी ने धमकी दी थी कि इस बार चुनाव में लाठी चलेगी. चुनाव को लेकर गांव के ही युवराज चौधरी व लड्डू चौधरी के से झगड़ा हुआ था. इसके कारण चुनाव नहीं हुआ. पुनः घटना के दिन हुए चुनाव में उसकी पत्नी जीत गयी. अनुसंधान के क्रम में पुलिस को बच्चे का पैर बोरे में बंद मिला था. बच्चे की हड्डियां अर्जुन चौधरी के कामत से मिली थीं. इस सत्रवाद में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सरदार यशवंत सिंह ने कुल आठ गवाहों का न्यायालय में परीक्षण कराया.
