प्रशासन नहीं कर रहा कार्रवाई, बढ़ता जा रहा अतिक्रमण
बारसोई : इस समय बारसोई नगर पंचायत अतिक्रमण की चपेट में है. अतिक्रमण के कारण जाम तो लगता है, जलनिकासी की व्यवस्था भी बाधित हो रही है. वहीं प्रशासन अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कोई भी सख्त कदम नहीं उठा रहा है. इससे अतिक्रमणकारियों का मनोबल बढ़ा हुआ है. बारसोई नगर पंचायत के सभी 17 वार्ड में अतिक्रमण जड़ जमाये हुए है.
रघुनाथपुर, मौलानापुर, सुल्तानपुर बारसोई बाजार आदि स्थानों में तो सड़क, नहर, हॉट लैंड की जमीन भी लोग कब्जे में कर उस पर पक्का मकान बनवा चुके हैं. अंचल क्षेत्र के कर्मचारी ऐसी जमीन का मोटेशन कर रसीद काट देते हैं और बासगीत परचा बना लेते हैं अथवा बंदोबस्ती कर देते हैं, जो संभव ही नहीं है. हां अंचल के कर्मचारी इतनी चालाकी जरूर करते हैं कि जो जमीन विवादास्पद है, उनके बासगीत परचा में चौहद्दी नहीं लिखते है. और भोली भाली जनता यह समझ लेती है कि उनकी जमीन पक्की हो गयी और वह उसमें पक्का घर निर्माण कर देते हैं. इतना ही नहीं ऐसे लोगों को भी जमीन बंदोबस्त कर दी गयी है
, जो समृद्ध व जमीन वाले हैं और वह बंदोबस्ती की जमीन का व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे अतिक्रमण की समस्या उत्पन्न हो रही है. साथ ही साथ आने वाले समय में वैसे अतिक्रमण कर बनाये गये घरों पर भविष्य में संकट भी है. अंचलकर्मी जो इस तरह की जमीन समृद्ध लोगों को बंदोबस्त कर दिये हैं, उनके ऊपर भी सख्त कार्रवाई की जरूरत है.
बता दें कि अतिक्रमण के कारण बारसोई की सड़कें सकरी हो गयी हैं और सड़कों पर वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है. यहां तक की नहर के अतिक्रमण कर लेने एवं नाले की साफ-सफाई नहीं होने के कारण जलनिकासी की समस्या भी उत्पन्न हो गयी है. इसके कारण सड़कों पर जलजमाव बना रहता है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ठोस इरादे के साथ बारसोई को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की है.
