जलजमाव की समस्या से त्रस्त हैं लोग

रेलवे के अंडरपास पुल के नीचे से चलना हुआ मुश्किल कटिहार : कटिहार रेल मंडल में करोड़ों की लागत से बनाये गये रेलवे अंडरपास जल जमाव की समस्या के कारण न सिर्फ सरकारी खजाने की बर्बादी साबित हुए हैं. बल्कि यह आने जाने वाले लोगों के लिए जी का जंजाल भी बन गया है. कटिहार-मनिहारी […]

रेलवे के अंडरपास पुल के नीचे से चलना हुआ मुश्किल

कटिहार : कटिहार रेल मंडल में करोड़ों की लागत से बनाये गये रेलवे अंडरपास जल जमाव की समस्या के कारण न सिर्फ सरकारी खजाने की बर्बादी साबित हुए हैं. बल्कि यह आने जाने वाले लोगों के लिए जी का जंजाल भी बन गया है.
कटिहार-मनिहारी रेल मार्ग पर मानव यातायात के लिए प्रयुक्त रेलवे फाटक की जगह लेने के लिए बने विभिन्न अंडरपास उनकी सुविधा के स्थान पर भारी परेशानी का कारण बन गये हैं. किसान चौक बथना, हफलागंज रघुनी चक, मरंगी घासी टोला एवं कजरा सहित इस रूट के विभिन्न स्थानों पर बनाये गये अंडरपास होकर लोगों का आना जाना मुहाल हो गया है. इन अंडर
पास में जल जमाव व कीचड़ के कारण साल के कुछेक महीने ही आवागमन के लायक रहते हैं. खासतौर पर बरसात में यह पूरी तौर पर लोगों की आवाजाही को बाधित करते हैं.
बेहतर विकल्प था रेलवे फाटक
अंडरपास बनने के बाद जलजमाव से पैदा हुई दिक्कत के स्थाई परेशानी बन जाने से अब लोग कहने लगे हैं कि इससे बेहतर रेलवे फाटक का विकल्प है. भले ही इस कारण थोड़ी देर कभी कभी इंतजार करना पड़ता था. लेकिन वह इस रास्ते से बेहतर था. इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर लोगों ने आवाज भी उठाई है.
लेकिन इस पर रेलवे प्रशासन की लीपापोती के अलावा आज तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ. अंडर पास होकर पैदल आने जाने वालों के लिए बनाया गया रैंप भी काफी कमजोर है और इस होकर साइकिल समेत बाइक भी पास होने के लिए मजबूर होते हैं. पास के अंदर जल जमाव नदी या तलाब का नजारा पेश करता है.
जल निकासी है सबसे बड़ी समस्या
इन अंडर पास में जल निकासी सबसे बड़ी समस्या है. ज्यादातर लोग रेलवे कि इस इंजीनियरिंग और ठेकेदार की गुणवत्ता पर लानत भेजते रहते हैं. सवाल यह है कि आख़िर निर्माण के तीन सालों बाद भी इन की स्थिति इतनी बदतर क्यों है. क्या विभाग के लोग इस बेमतलब के निर्माण एवं कार्य से वाकिफ नहीं है. क्षेत्र के लोग इसके कारण लंबे समय से परेशानी झेल रहे हैं. बावजूद इसके विभाग इस पर उचित कार्रवाई करने की जगह तमाशबीन बना हुआ है.
क्या कहते हैं अधिकारी
इस बाबत कटिहार रेल मंडल के सीनियर डीईएन राजवीर सिंह ने बताया कि ऐसे अंडर पास में वाटर पंपिंग की व्यवस्था की जाती है. उन्होंने कहा कि वह इस बात की जांच करवायेंगे. संबंधित एजेंसी नेम वाटर पंप की व्यवस्था की है या नहीं और उस पर उचित कार्रवाई करेंगे.

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