महेश्वरी अकादमी में व्यायामशाला बना कबाड़खाना

कटिहार : जिले के प्लस टू स्कूल व कॉलेजों में लाखों की लागत से स्थापित किये गये व्यायामशाला बंद रहते हैं, या फिर शिक्षकों की कमी का दंश झेल रहे हैं. इसका उपयोग बच्चे नहीं कर पा रहे हैं. कहीं अगर व्यायामशाला चालू स्थिति में है तो शारीरिक शिक्षक की घोर कमी है. जिसके कारण […]

कटिहार : जिले के प्लस टू स्कूल व कॉलेजों में लाखों की लागत से स्थापित किये गये व्यायामशाला बंद रहते हैं, या फिर शिक्षकों की कमी का दंश झेल रहे हैं. इसका उपयोग बच्चे नहीं कर पा रहे हैं. कहीं अगर व्यायामशाला चालू स्थिति में है तो शारीरिक शिक्षक की घोर कमी है. जिसके कारण जिम के सामानों में जंग लग रहे हैं. सरकार को लाखों रुपये की क्षति हो रही है. सरकार की ओर से शिक्षा के साथ-साथ बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास हो इसके लिए

प्लस टू स्कूलों व कॉलेजों में व्यायामशाला की स्थापना की गयी है. लेकिन उचित देखरेख व शिक्षकों की कमी के कारण यह व्यवस्था स्कूलों में धरातल पर नहीं उतर पा रही है. मालूम हो कि जिले में 42 अप ग्रेड प्लस टू स्कूल हैं व 13 कॉलेज हैं. जिसमें व्यायामशाला की व्यवस्था है. इस सब के बावजूद भी जिला शिक्षा विभाग चुप्पी साधे हुए हैं.

केश स्टडी -वन
महेश्वरी एकेडमी प्लस टू स्कूल में व्यायामशाला तो है, लेकिन शारीरिक शिक्षक नहीं हैं. अंगरेजी के शिक्षक शारीरिक शिक्षा का ज्ञान दे रहे हैं. इस स्कूल का व्यायामशाला बंद रहने के कारण उपकरणों में जंग लग रही है. व्यायामशाला में रद्दी व कूड़ा कचरा रखा जा रहा है.
इसकी स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि यह व्यायामशाला नहीं बल्कि कबाड़खाना हो. शहर का प्रतिष्ठित स्कूलों में शुमार महेश्वरी एकेडमी प्लस टू स्कूल का यह हाल है तो जिले के अन्य स्कूलों की क्या हालत होगी. इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. फिलहाल मामला चाहे कुछ भी हो लेकिन नुकसान आखिर विद्यार्थियों को हो रही है.
केश स्टडी -टू
जिले में महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित एमजेएम महिला कॉलेज में छह माह पूर्व व्यायामशाला की स्थापना हुई थी. उद्घाटन के बाद यह व्यायामशाला मात्र उद्घाटन बनकर ही रह गया है. मसलन व्यायामशाला अब तक बंद परा हुआ है. इस कॉलेज में शारीरिक शिक्षक व ट्रेनर की कमी है. छात्राएं चाहकर भी प्रेक्टिस नहीं कर पा रही है. उनके उड़ान को पंख नहीं लग पा रहा है. ऐसे में कैसे महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ा सकते है.
केश स्टडी -थ्री
हरिशंकर नायक स्कूल में व्यायामशाला व टीचर दोनों है. लेकिन प्रत्येक दिन यहां पर बच्चों को व्यायाम नहीं कराया जाता है. जिसके कारण इस स्कूल के बच्चे व्यायाम करने में रुचि नहीं दिखाते हैं. प्रत्येक दिन प्रेक्टिस नहीं होना कई खामियों को उजागर करता है. यदि बच्चों को व्यायामशाला जाने के लिए प्रेरित किया जाए. तो बच्चों को शिक्षा के साथ साथ शारीरिक व मानसिक विकास भी होगा व जिले का नाम राज्य, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकेंगे व सरकार की मंशा सफल साबित होगी.
क्या कहते हैं अधिकारी
मामले की जांच कर व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की पहल की जायेगी. बच्चों के लिए सरकार ने लाखों की लागत से व्यायामशाला का निर्माण कराया है. इस तरह की लापरवाही बरदाश्त नहीं की जायेगी.
श्री राम सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी, कटिहार

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