जलजमाव . मूसलधार बारिश से शहर की सड़कें बनी तालाब
मानसून की पहली बारिश ने नगर निगम की पोल खोल कर रख दी. शहर की प्रमुख सड़क सहित गलियों ने भी तालाब का रूप धारण कर लिया. जलजमाव के कारण शहर में घंटों आवागमन बाधित रहा.
कटिहार : सोमवार की सुबह हुई मूसलधार बारिश ने नगर निगम की पोल खोल कर रख दी. शहर की प्रमुख सड़कों सहित गली-कूचों की सड़कें पूरी तरह से तालाब में तब्दील हो गयीं. शहर की एक भी सड़क ऐसी नहीं बची, जहां जलजमाव की समस्या उत्पन्न नहीं हुई हो. यह हाल तब है जब बरसात पूर्व शहर की सभी छोटी-बड़ी नालियों की साफ-सफाई लाखों की लागत से करायी गयी है. इसके बावजूद एक भी ऐसी नाली नहीं बची है, जो जाम नहीं हो. नाली जाम रहने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर आ जाता है. शहर के एमजी रोड, मंगलबाजार, गर्ल्स स्कूल रोड, न्यू मार्केट सहित शहर की तमाम सड़कें एक घंटें की बारिश में तालाब में तब्दील हो गयी,
जिसके कारण शहर वासियों एवं राहगीरों को आवागमन में घोर परेशानियों का सामना करना पड़ा. दरअसल, शहर में जलजमाव की समस्या कोई नयी नहीं है. जब-जब बारिश होती है शहर की सड़क तालाब बन जाती है. दो-दो फीट तक सड़क पर जलजमाव हो जाता है. लोग गिरते-पड़ते आवागमन करने को विवश होते हैं. इस समस्या के समाधान की दिशा में नगर निगम प्रशासन, जिला प्रशासन ने कभी गंभीरता से कोई पहल नहीं किया है. शहर चारों ओर से गढ्ढानुमा बसा हुआ है. बारिश होने के बाद पानी बाहर निकलने की कोई व्यवस्था ही नहीं है. ऐसे में बारिश का पानी सड़कों पर दौड़ने लगता है. नगर निगम की हर बरसात पूर्व की हर बैठक में इस मुद्दे को उठाया जाता है, प्रस्ताव भी लिया जाता है लेकिन इसको अमली जामा पहनाने की दिशा में कोई काम नहीं होता है, जिसका खामियाजा शहर में बसे लाखों की आबादी को उठाना पड़ रही है. जरा सोचिए एक घंटे की मूसलधार बारिश में जब यह हाल है तो लगातार पांच छह घंटे बारिश हो जायेगी, तो क्या हाल होगा. यह सोच कर ही शहर वासी सहम जाते हैं.
राहगीर व शहरवासी हुए परेशान
शहर की प्रमुख सड़क एमजी रोड, मंगलबाजार, न्यू मार्केट, गर्ल्स स्कूल रोड, रामकृष्ण मिशन स्कूल रोड, अनाथालय रोड, दुर्गास्थान चौक, राम पाड़ा रोड, तिनगछिया से चौधरी मोहल्ला रोड, नयाटोला से शिव मंदिर चौक रोड, डेहरिया रोड, हृदयगंज रोड, ललियाही रोड, तेजाटोला रोड व अन्य सड़कों पर एक से दो फीट तक बारिश का पानी जमा हो गया था, जिसके कारण छोटे वाहनों का परिचालन तत्काल अवरुद्ध हो गया. बड़े वाहन किसी तरह धीरे-धीरे गुजर रहे थे. लेकिन राहगीरों को और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. बारिश के पानी से शहर पूरी तरह टापू बन गया था. सबसे दुखद पहलू यह है कि नाले के पानी की दुर्गंध से राहगीर नाक पर रूमाल रख कर गुजरने को विवश हो रहे थे. शहर की प्रमुख सड़क महात्मा गांधी रोड जो शहीद चौक से विनोदपुर होते हुए बनिया टोला पानी टंकी चौक, दौलतराम चौक होते हुए पटेल चौक तक जाती है. इस सड़क पर जलजमाव हो गया था, जिसके कारण आम राहगीर सहित व्यवसाइयों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. शहर के सबसे व्यस्त रोड राजेंद्र प्रसाद पथ जो पुरानी बाटा चौक से होते हुए न्यू मार्केट होते हुए हरदयाल टॉकीज चौक तक जाती है. इस पथ का भी बुरा हाल रहा. बाटा चौक से मुख्य डाकघर तक सड़क पर बारिश का पानी जमा हो गया था, जिसके कारण सरकारी कर्मी एवं व्यवसाइयों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा. नया टोला से शिव मंदिर तक जाने वाली सड़क पर संतोष भवन, महावीर मंदिर चौक तक सड़क पर दो फीट पानी जमा हो गया था. इस पथ पर वाहनों का परिचालन तत्काल बंद हो गया था. तिनगछिया से चौधरी मोहल्ला जाने वाली मुख्य सड़क पर काली मंदिर चौक से कृषि विज्ञान केंद्र तक सड़क पर जलजमाव होने से आवागमन बंद हो गया. कीच्चट टोला चौक से ईदगाह जाने वाली सड़क पर जलजमाव हो जाने के कारण आवागमन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा. इस पथ में जलजमाव के साथ-साथ कीचड़ हो जाने के कारण लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो गया. रामपाड़ा-राम रहीम चौक से बैगना तक जाने वाली सड़क पर एक फीट से ज्यादा जलजमाव हो जाने से आवाजाही पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा. ललियाही, गौशाला, बुद्धचौक, तेजाटोला चौक जाने में भी लोगों को परेशानी हुई.
