उन्मूलन की ओर बिहार में कालाजार, बचे महज 453 मरीज, जानें कितने दिनों से चल रहा प्रयास

बिहार ने इस वर्ष कालाजार उन्मूलन की दिशा में कदम रख दिया है. वर्तमान स्थिति रही, तो बिहार को तीन साल में कालाजार उन्मूलन का प्रमाणपत्र मिल जायेगा. कालाजार उन्मूलन का मानक है कि किसी भी प्रखंड में प्रति 10 हजार की आबादी पर एक से कम कालाजार के रोगी पाये जाएं.

शशिभूषण कुंवर,पटना. बिहार ने इस वर्ष कालाजार उन्मूलन की दिशा में कदम रख दिया है. वर्तमान स्थिति रही, तो बिहार को तीन साल में कालाजार उन्मूलन का प्रमाणपत्र मिल जायेगा. कालाजार उन्मूलन का मानक है कि किसी भी प्रखंड में प्रति 10 हजार की आबादी पर एक से कम कालाजार के रोगी पाये जाएं. बिहार के सभी 534 प्रखंडों में कालाजार रोगियों की संख्या प्रति 10 हजार की आबादी पर एक से कम हो गयी है.

453 कालाजार के मरीज पाये गये

कालाजार के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डाॅ विनय कुमार ने बताया कि सितंबर, 2022 तक 453 कालाजार के मरीज पाये गये हैं, पर किसी भी प्रखंड में कालाजार मरीजों की संख्या प्रति 10 हजार पर एक से अधिक नहीं है. उन्होंने बताया कि पिछले साल बिहार के सिर्फ दो प्रखंड सारण जिले का इसुआपुर और सीवान जिले के गोरियाकोठी ऐसे थे जहां कालाजार के मरीजों की संख्या प्रति 10 हजार पर एक से अधिक पायी गयी थी.

1917 से लगातार प्रयास हो रहे हैं

उन्होंने बताया कि कालाजार के मरीजों की संख्या में हर साल गिरावट दर्ज की जा रही है. एचआइवी संक्रमितों में कालाजार के मरीजों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है. एचआइवी संक्रमितों को कालाजार होने से मौत का अधिक जोखिम होता है. मालूम हो कि भारत में कालाजार ने निबटने के लिए 1917 से लगातार प्रयास हो रहे हैं.

कालाजार मरीजों को मिलेगा पक्का मकान

राज्य के कालाजार से पीड़ित परिवारों को पक्का मकान मिलेगा. केंद्र की योजना है कि फिर से कालाजार नहीं लौटे, इसके लिए मरीजों को पक्का घर दिया जायेगा. साथ ही कालाजार के मरीजों की नियमित जांच की व्यवस्था की जायेगी.

कालाजार मरीजों की घटती संख्या वर्षवार

वर्ष संख्या

  • 2014 7615

  • 2015 6517

  • 2016 4773

  • 2017 4127

  • 2018 3423

  • 2019 2416

  • 2020 1427

  • 2021 983

  • 2022 453

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >