Kaimur News : (नीरज सिंह की रिपोर्ट)
प्रखंड क्षेत्र में सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. सिरबिट पंचायत से सामने आए एक वायरल वीडियो ने प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार की परतें खोल दी हैं. वीडियो में आवास सहायक पर लाभुक से पैसे लेने का आरोप लगाया जा रहा है.
हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि प्रभात खबर नहीं करता है.लेकिन इसके सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.
ठंड के मौसम का बताया जा रहा वीडियो
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यह वीडियो 2025 के सर्दियों के मौसम का है. वीडियो में आवास सहायक को भारी जैकेट पहने हुए देखा जा रहा है, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह फुटेज दिसंबर या जनवरी माह में रिकॉर्ड किया गया हो सकता है. वीडियो में उन्हें कथित रूप से लाभुक से नकदी लेते हुए दिखाया गया है.
ग्रामीणों में आक्रोश, पारदर्शिता पर सवाल
घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है. लोगों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र लाभुकों को योजनागत लाभ देने के नाम पर अनियमितताएं हो रही हैं. उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर और वास्तविक लाभार्थियों को अक्सर वंचित कर दिया जाता है, जबकि कथित रूप से सक्षम लोग योजना का लाभ प्राप्त कर लेते हैं.
जांच की मांग, बड़े घोटाले की आशंका
स्थानीय लोगों ने सिरबिट पंचायत सहित पूरे चैनपुर प्रखंड में आवास योजना के लाभार्थियों और आवंटन प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच होने पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है.
डीडीसी ने कहा- जांच पर कार्रवाई की जाएगी
इस संबंध में पूछे जाने पर प्रभारी डीडीसी अनिल कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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