राष्ट्र चिंतन में बीता जीवन, अंतिम सांस तक संघ-कार्य के लिए समर्पित रहे डॉ साहब कुदरा. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, खंड कुदरा के स्वयंसेवकों ने रविवार को श्री कंकाली माता मंदिर प्रांगण स्थित श्री गुरु गोबिंद सिंह तरुण व्यवसायिक शाखा में वरिष्ठ स्वयंसेवक व संघ-निष्ठ कार्यकर्ता डॉ मानिकचंद्र प्रसाद जी के निधन पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया. इस अवसर पर उपस्थित स्वयंसेवकों व शहर के गणमान्य ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की. दरअसल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व जिला संचालक डॉ मानिकचंद्र प्रसाद का 92 वर्ष की अवस्था में बुधवार की देर शाम निधन हो गया था. श्रद्धांजलि सभा में खंड संघचालक बृजभूषण रस्तोगी व खंड कार्यवाह वरुण गांधी सहित अनेक स्वयंसेवक उपस्थित रहे. कार्यक्रम में सह खंड कार्यवाह डॉ सुमित कुमार ने डॉ साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वयंसेवकों को राष्ट्र जीवन की मुख्य धारा में प्रवाहित करने की प्रेरणा डॉ साहब से सीखने योग्य है. जीवन के अंतिम क्षण तक राष्ट्र चिंतन उनके रग-रग में व्याप्त रहा. उन्होंने आगे बताया कि कुदरा सहित दक्षिण बिहार में संघ विस्तार में डॉ साहब की महत्वपूर्ण भूमिका रही. कुदरा में संघ का प्रारंभ 1932-35 के मध्य हुआ और इस क्षेत्र का संबंध संघ के शीर्ष नेतृत्व जैसे श्री गुरुजी (माधव सदाशिव गोलवलकर), बालासाहेब देवरस तथा रज्जू भैया (प्रो. राजेंद्र सिंह) से भी रहा. दक्षिण भारत के कांचीपुरम स्थित कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती जी का भी संघ स्थान पर आगमन हुआ था, जो इस क्षेत्र की वैचारिक समृद्धि का परिचायक है. कार्यक्रम में खंड शारीरिक प्रमुख निरंजन कुमार, राजू सर सहित अनेक स्वयंसेवकों ने संघ स्थान पर डॉ साहब के स्मरण में मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. इधर, क्षेत्र प्रचारक श्री रामनवमी जी व रोहतास विभाग प्रचारक विजेंद्र जी ने भी डॉ साहब के आवास पर पहुंचकर शोक-संतप्त परिजनों को सांत्वना दी तथा उनके जीवन व योगदान का स्मरण करते हुए अपने विचार व्यक्त किये. डॉ साहब के जाने से कुदरा क्षेत्र में संघ कार्य की अपूरणीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकेगी.
डॉ मानिकचंद्र प्रसाद को स्वयंसेवकों ने दी श्रद्धांजलि
राष्ट्र चिंतन में बीता जीवन, अंतिम सांस तक संघ-कार्य के लिए समर्पित रहे डॉ साहब
