इएसटीपी चालान कटाने के लिए जीटी रोड पर घंटों खड़े रहते हैं बालू लदे वाहन

जीटी रोड पर वाहनों के खड़े होने से आये दिन घटना दुर्घटना हो रही हैं. इसके बावजूद चालक जीटी रोड पर ही घंटों वाहन खड़े कर दे रहे हैं

कर्मनाशा… जीटी रोड पर वाहनों के खड़े होने से आये दिन घटना दुर्घटना हो रही हैं. इसके बावजूद चालक जीटी रोड पर ही घंटों वाहन खड़े कर दे रहे हैं. जबकि, यातायात हाइवे पेट्रोलिंग पार्टी, एनएचएआइ की टीम, पुलिस प्रशासन व गश्ती पुलिस दल हर समय कहीं न कहीं रोड पर ही दिखायी देती है. लेकिन कार्रवाई नहीं होने से बालू लदे वाहन जीटी रोड पर ही खड़े दिखते हैं. इसमें बालू लदे वाहनों की संख्या सबसे अधिक होती है. दरअसल, जीटी रोड पर वाहनों के खड़े रहने से घटना दुर्घटना आये दिन होते रहते हैं. इसके बावजूद चालक जीटी रोड पर ही वाहनों को खड़े कर देते हैं. सबसे ज्यादा बालू लदे वाहन चिपली से लेकर यूपी बिहार बॉर्डर खजुरा तक जीटी रोड पर खड़े देखने को हमेशा मिल जाते हैं और जरा सी भी चूक होने पर घटनाएं हो जाती है. बालू लदे वाहनों के चालक जीटी रोड पर ही खड़ा कर यूपी के खनन विभाग का इएसटीपी चालान कटाने चले जाते हैं. यूपी खनन विभाग का आइएसटीपी चालान कटाने के लिए बॉर्डर से लेकर चिपली तक लोग अपना अपना काउंटर खोलकर बैठे हैं और बिहार से यूपी जाने वाले बालू लदे वाहनों के पास यूपी के खनन विभाग का इएसटीपी चालान कर्मनाशा तक ही रहता है और यूपी में जाने के लिए यूपी खनन विभाग का इएसटीपी चालान उनके पास नहीं होता है. वह ऑनलाइन चालान कटा कर यूपी के अलग-अलग मंडियों में पहुंचते हैं. हालांकि, बहुत से बालू लदे वाहन चालक जीटी रोड पर घंटों इसलिए खड़े हो जाते हैं कि वह आइएसटीपी चालान भी नहीं कटाना चाहते हैं और खनन विभाग के अधिकारियों का लोकेशन लेकर पैसा बचना चाहते हैं और जैसे ही यूपी के खनन विभाग के अधिकारी रोड से हटते हैं, गंतव्य को रवाना हो जाते है. कुल मिलाकर बिहार के पुलिस पदाधिकारी व एनएचएआइ की टीम का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर नहीं है. जबकि, अभी दो दिन पहले ही छज्जूपुर के पास गिट्टी लदे एक डंपर में एक कार भिड़ गयी. इसमें कार चालक की मौत हो गयी थी. इसी तरह आये दिन खड़े ट्रकों के चलते लोगों की जान चली जाती है. फिर भी चालक सड़कों पर ही वाहनों को खड़ा कर होटल में चाय व भोजन करने चले जाते हैं. बालू लदे चालक इएसटीपी चालान कटाने चले जाते हैं. एनएच पर वाहनों के लगे होने से आये दिन हो रहीं दुर्घटनाएं

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Author: VIKASH KUMAR

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