रात में वाहन चालक सर्विस सड़क पर जाने से कर रहे परहेज, यात्रियों को एक किमी पहले उतार रहे पलटने के डर से सर्विस रोड पर नहीं जा रहे वाहन, यात्रियों को पैदल चलने की मजबूरी # उत्तरी सर्विस सड़क के धंसने से तेज झटकों से अनियंत्रित हो रहे वाहन, चालक परेशान मोहनिया-पटना पथ पर एनएचएआइ की लापरवाही लोगों के लिए बन सकती है जानलेवा # प्रभात खास # मोहनिया सदर. मोहनिया-पटना पथ नेशनल हाइवे 319 पर कटराकला स्टैंड से लेकर करमहरि तक लगभग 500 मीटर की दूरी के बीच जगह-जगह उत्तरी सर्विस सड़क के धंसने से वाहन चालकों व यात्रियों के लिए खतरा मंडराने लगा है. इससे सर्विस सड़क से होकर गुजरने के क्रम में वाहनों को इतना तेज झटका लगता है कि वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं. उक्त पथ से आये दिन गुजरने वाले वाहन चालक तो सड़क की स्थिति से रुबरु हैं और वें संभाल कर वाहनों को निकालते हैं, लेकिन उक्त पथ से कभी-कभी या पहली बार गुजरने वाले वाहन चालक अक्सर इस खतरनाक सड़क को समझ नही पाते, जिसका नतीजा है कि कई बार दिन के उजाले में भी वाहन पलटते पलटते बचते हैं. इसके बावजूद एनएचएआइ इस दिशा में कोई कदम उठाने के लिए अब तक तैयार नही है, जिससे धंसी सर्विस सड़क किसी बड़े हादसे को बुलावा देती नजर आ रही है. # ओवरब्रिज के छोर पर ही उतार देते है चालक सबसे अधिक परेशानी रात में उस समय कटराकला से करमहरि तक बीच अवस्थित लगभग आधा दर्जन गांवों के लोगों को होती है, जब सर्विस सड़क खराब होने का हवाला देकर वाहन चालक सर्विस सड़क पर जाने के लिए तैयार नहीं होते और यात्रियों को ओवरब्रिज के पूर्वी या पश्चिमी छोर पर ही उतार देते हैं, जिसका नतीजा है कि रात में एक किमी से अधिक दूरी तय कर लोगों को अपने गांव जाना पड़ता है. रात के समय पटना या आरा जाने के लिए भी कटराकला, करमहरि, बघिनीकला, बढुपर, सोनवर्षा व सरियांव गांव के लोगों को ओवरब्रिज के अंतिम छोर पर बसों में सवार होने के लिए प्रतीक्षा करना पड़ता है. # क्या कहते हैं लोग भभुआ-पटना एक्सप्रेस बस के चालक मुन्ना कहते हैं कि सर्विस सड़क का धंसना गड्ढे से भी ज्यादा खतरनाक है. गड्ढा तो हम लोग बचा लेते हैं. लेकिन, धंसी सड़क दूर से समझ में नहीं आती, जिससे यदि गाड़ी की गति थोड़ा भी तेज रहा, तो धंसी सड़क से गुजरने पर गाड़ी का पिछला हिस्सा काफी तेज झटका देता है, जिससे गाड़ी अनियंत्रित हो जाती है. इसलिए हम लोग सर्विस सड़क पर बस नहीं ले जाते, यात्रियों को ओवरब्रिज के छोर पर ही उतारना पड़ता है. – बढ़ुपर के सत्यम चौबे कहते हैं कि यदि आप रात में भभुआ रोड स्टेशन पर ट्रेन से उतरते हैं. पटना जाने वाली कोई बस पकड़ कर कटराकला आते हैं तो बस वाले यह बोलकर एक किलोमीटर पहले ही उतार देते हैं कि सर्विस सड़क से नही जायेंगे, सड़क धंसी हुई है. बस पलटने का डर है. रात में धंसी सड़क अच्छी तरह दिखती ही नहीं है, इसलिए एक किलोमीटर पहले ही यात्रियों को उतार देते हैं. इससे लोगों को रात में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. – करमहरि के रहने वाले कटराकला पंचायत के पूर्व मुखिया रामवृक्ष पाल ने कहा कि हम तो हमेशा देखते हैं सर्विस सड़क से गुजरने वाली छोटी गाड़ी जैसे ही धंसी सड़क से होकर गुजरती है, वह एक तरफ को इतना झुक जाती है लगता है कि गाड़ी पलट जायेगी. चालक के साथ गाड़ी में बैठने वाले लोग भी डर जाते हैं, इसलिए सर्विस सड़क से कोई वाहन गुजरना नहीं चाहता है. लेकिन, सड़क निर्माण कंपनी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही. – कटराकला के रहने वाले मुर्गा व्यवसायी अकबर अंसारी कहते हैं कि सर्विस सड़क के धंसने की वजह से मुर्गा की गाड़ी सर्विस सड़क से नहीं आती है. चालक कहता है कि गाड़ी पलट जायेगी तो बहुत से मुर्गा मर जायेंगे, जिससे मेरा नुकसान होगा. इसका नतीजा है कि हम एक किलोमीटर दूर जाकर मुर्गा खरीद कर लाते हैं.
कटराकला से करमहरि तक जगह-जगह धंसी एनएच-319 की सर्विस सड़क, दुर्घटना की बढ़ी आशंका
रात में वाहन चालक सर्विस सड़क पर जाने से कर रहे परहेज, यात्रियों को एक किमी पहले उतार रहे
