Kaimur News : एसपी को रामगढ़ व कुदरा थानेदार की सैलरी से प्रतिदिन "1000 काटने का आदेश

जब तक न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं करते, तब तक प्रतिदिन कटेगा एक हजार रुप

भभुआ कार्यालय. बार-बार कहने के बावजूद पुलिस नहीं सुन रही है. ऐसी शिकायत सिर्फ आम लोगों के साथ ही नहीं है, बल्कि न्यायालय के द्वारा भी बार-बार आदेश दिये जाने के बावजूद पुलिस न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं कर रही है. ऐसे ही एक मामले में न्यायालय के बार-बार आदेश देने के बावजूद अनुपालन नहीं करने पर भभुआ परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ने कैमूर एसपी को रामगढ़ एवं कुदरा के थानेदार की सैलरी से प्रतिदिन एक हजार रुपये काटने का आदेश दिया है. इसके साथ ही न्यायालय ने यह भी आदेश दिया है कि जब तक उक्त दोनों थाने के थानेदार द्वारा न्यायालय के दिये गये आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तब तक उनकी सैलरी से प्रतिदिन एक हजार रूपये काटा जाये. उक्त आदेश भभुआ परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश विवेक कुमार के द्वारा कैमूर एसपी को दिया गया है और यह भी कहा गया है कि उक्त आदेश की कॉपी को कोषागार पदाधिकारी को भी भेजी जाये. = न वारंट का किया निष्पादन और न ही स्पष्टीकरण का दिया जवाब दरअसल, भभुआ परिवार न्यायालय में कुदरा थाना क्षेत्र के सलथुआ की एक महिला ने भरण पोषण के लिए वाद संख्या 11/23 दायर किया है. उक्त मामले में न्यायालय ने उसके पति को प्रत्येक महीने 5000 रुपये भरण पोषण के लिए पत्नी को देने का आदेश दिया गया था. लेकिन पति के द्वारा भरण पोषण के लिए 5000 रुपये नहीं दिया जा रहा था, जिस पर परिवार न्यायालय ने 27 जनवरी 2025 को लेवी वारंट जारी किया था. इसके तहत पुलिस को यह आदेश दिया गया था कि महिला के पति के चल संपत्ति से वसूल कर भरण पोषण की राशि दिलवाना सुनिश्चित करें. लेकिन, इस पर कुदरा के थानेदार द्वारा किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गयी और उक्त मामले में कोई अनुपालन प्रतिवेदन भी न्यायालय में थानेदार के द्वारा नहीं दिया गया. इसके बाद न्यायालय ने महिला के पति पर बीते 25 मार्च को जमानती वारंट जारी किया. गैरजमानती वारंट जारी होने के बाद भी महिला का पति न्यायालय में हाजिर नहीं हुआ और न ही कुदरा पुलिस के द्वारा उक्त वारंट पर कोई कार्रवाई की गयी. और न ही इसके बाबत न्यायालय में कोई रिपोर्ट दाखिल किया गया. इसके बाद परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के द्वारा एसपी को यह आदेश जारी किया गया कि जब तक न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तब तक कुदरा थानेदार की सैलरी से प्रतिदिन एक हजार काटा जाये. = रामगढ़ थानेदार भी न्यायालय के आदेश का नहीं किया अनुपालन इसी तरह से रामगढ़ थाने क्षेत्र में सादुल्लापुर गांव की एक पीड़ित महिला ने अपने पति से भरण पोषण के लिए भरण पोषण वाद संख्या 85/ 2024 दायर किया. उक्त मामले में सुनवाई करते हुए परिवार न्यायालय के द्वारा महिला के पति को प्रत्येक महीने 7000 रुपये देने का आदेश दिया गया. लेकिन, उसके पति द्वारा न्यायालय के आदेश के बावजूद अपनी पत्नी को भरण पोषण के लिए न्यायालय से निर्धारित राशि नहीं दी जा रही थी. इसके बाद न्यायालय द्वारा पीड़ित के पति के खिलाफ लेवी वारंट 14 फरवरी 2025 को जारी किया गया. इसके तहत रामगढ़ पुलिस को उसके चल संपत्ति से पैसा वसूल कर पीड़ित को देना था. लेकिन, रामगढ़ थानेदार द्वारा न्यायालय के उक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया गया. इसके बाद न्यायालय के द्वारा पीड़िता के पति के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया गया. लेकिन, वारंट जारी होने के बावजूद रामगढ़ थानेदार के द्वारा उक्त मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गयी. न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं करने पर परिवार न्यायालय के न्यायाधीश के द्वारा रामगढ़ थानेदार से स्पष्टीकरण की मांग की गयी. लेकिन, रामगढ़ थानेदार के द्वारा उस स्पष्टीकरण का भी कोई जवाब नहीं दिया गया. इसके बाद उक्त न्यायालय के न्यायाधीश विवेक कुमार ने एसपी को यहां आदेश दिया है कि रामगढ़ थानेदार के सैलरी से तब तक 1000 रुपये प्रतिदिन काटा जाये, जब तक कि वह न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं करते हैं. साथ ही इस आदेश की प्रति को कोषागार पदाधिकारी को भी भेजी जाये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: PANCHDEV KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >