Kaimur News: जिले के भभुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत माचियांव गांव में गुरुवार की देर शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. घर के अंदर फर्श पर सो रही 17 वर्षीय किशोरी को एक जहरीले सांप ने डस लिया. सर्पदंश के तुरंत बाद उसे अस्पताल पहुंचाने के बजाय परिजन अंधविश्वास और झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ गए, जिसके चलते इलाज में हुई देरी किशोरी के लिए जानलेवा साबित हुई. सदर अस्पताल लाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
यूपी ले जाकर कराते रहे झाड़-फूंक
मृतका की पहचान माचियांव गांव निवासी अजय डोंम की 17 वर्षीय पुत्री सुमन कुमारी के रूप में हुई है. परिजनों के मुताबिक गुरुवार देर शाम सुमन घर के फर्श पर गहरी नींद में थी, तभी किसी विषैले सांप ने उसे काट लिया. हालत बिगड़ने पर परिजन घबरा गए और उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के बजाय सीमावर्ती उत्तर प्रदेश स्थित अमवा सती माता मंदिर ले गए. वहां घंटों झाड़-फूंक कराने के बावजूद जब किशोरी की तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ और वह अचेत होने लगी, तब परिजन उसे लेकर भभुआ सदर अस्पताल पहुंचे.
सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. श्याम कांत ने बताया कि जब किशोरी को अस्पताल लाया गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी. स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. किशोरी की मौत की पुष्टि होते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे परिवार में कोहराम मच गया. रोते-बिलखते माता-पिता का बुरा हाल है और गांव में भी मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.
झाड़-फूंक नहीं, तत्काल डॉक्टरी इलाज है जरूरी
इस दुखद घटना के बाद स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अंधविश्वास से दूर रहने की अपील की है. चिकित्सकों का स्पष्ट कहना है कि सर्पदंश के मामलों में झाड़-फूंक या टोने-टोटके में समय गंवाना सीधे मौत को दावत देना है. घटना के तुरंत बाद पीड़ित को बिना समय गंवाए नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाना चाहिए, जहां एंटी-स्नेक वेनम और उचित चिकित्सकीय उपचार से मरीज की जान आसानी से बचाई जा सकती है.
