अकोढ़ी स्कूल के शिक्षकों ने सामूहिक रूप से विद्यालय छोड़ने का किया निर्णय

शिक्षिका को पीटा और जान मारने की धमकी के बाद आवेदन जे साथ बीआरसी पहुंचे शिक्षक

शिक्षिका को पीटा और जान मारने की धमकी के बाद आवेदन जे साथ बीआरसी पहुंचे शिक्षक बीआरसी में योगदान देने के लिए शिक्षकों ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को दिया आवेदन, रामपुर. प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय अकोढ़ी में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह अपराध और भय के शिकंजे में फंसती नजर आ रही है. विद्यालय के शिक्षक अब बच्चों को पढ़ाने से ज्यादा अपनी जान बचाने को मजबूर हैं. लगातार मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियों से तंग आकर शिक्षकों ने विद्यालय छोड़ने का फैसला कर लिया है. सभी शिक्षकों ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन देकर शुक्रवार से बीआरसी में योगदान देने की अनुमति मांगी है. विद्यालय की शिक्षिका रूबी कुमारी ने अपने आवेदन में सनसनीखेज आरोप लगाते हुए बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने स्कूल परिसर में लगी टंकी का पाइप क्षतिग्रस्त कर दिया और बाद में पाइप भी उठा ले गये. इस संबंध में विगत गुरुवार को पूछताछ की गयी, तो लवकुश पांडेय और नीतीश पांडेय ने खुलेआम धमकी देते हुए कहा कि तुम लोगों को मार देंगे. शिक्षिका के अनुसार, जब वह शिकायत करने आरोपितों के घर पहुंचीं, तो वहां मौजूद लोगों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और भद्दी गालियां दीं. वह किसी तरह जान बचाकर वहां से भागीं और तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी गयी. नशेड़ियों का सुरक्षित ठिकाना बना स्कूल शिक्षकों ने आवेदन में साफ लिखा है कि विद्यालय में उनकी जान सुरक्षित नहीं है. शिक्षकों का कहना है कि विद्यालय बंद होने के बाद पूरा परिसर नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है. यहां खुलेआम शराब, गांजा, नशीले इंजेक्शन और हेरोइन का सेवन किया जाता है. इतना ही नहीं, स्कूल की संपत्ति को भी लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है. इस घटना के बाद से पूरा शिक्षक स्टाफ दहशत में है और बीआरसी में कार्य करने की मांग कर रहा है. अधिकारियों ने विद्यालय पहुंचकर लिया जायजा मामले की गंभीरता को देखते हुए बीडीओ दृष्टि पाठक व प्रखंड प्रमुख घूरा सिंह यादव विद्यालय पहुंचे और शिक्षकों से पूरी जानकारी ली. शिक्षकों ने अधिकारियों के सामने स्पष्ट किया कि विरोध करने पर अपराधी तत्व मारपीट पर उतारू हो जाते हैं. अब बड़ा सवाल यह है कि यदि शिक्षक ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो बच्चों का भविष्य क्या होगा. ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और विद्यालय परिसर में स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. फिलहाल, जिला शिक्षा विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

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By Vikash kumar

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