मॉडल स्कूल में जाने से कतरा रहे शिक्षक, 60 पदों के लिए आये सिर्फ 25 आवेदन

= 11 प्रखंडों में बने मॉडल स्कूल, बेहतर वातावरण व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का है लक्ष्य

= 11 प्रखंडों में बने मॉडल स्कूल, बेहतर वातावरण व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का है लक्ष्य नये सत्र से पहले ही शिक्षक संकट गहराया, कई स्कूलों में एक भी आवेदन नहीं 10 अप्रैल से कक्षाएं शुरू करने का निर्देश, पर शिक्षकों की कमी बनी बड़ी चुनौती भभुआ नगर. जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से 11 प्रखंडों में मॉडल स्कूल स्थापित किये गये हैं. इन स्कूलों को निजी विद्यालयों की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके. इसके लिए विभाग द्वारा योग्य शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गयी है, जिससे शिक्षण व्यवस्था मजबूत हो सके. इधर विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो मॉडल स्कूलों में 60 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की आवश्यकता है, लेकिन अब तक केवल 25 शिक्षकों ने ही ऑनलाइन आवेदन किया है. यह स्थिति शिक्षा विभाग के लिए चिंता का विषय बन गयी है. कई विद्यालयों में निर्धारित सीट के अनुरूप आवेदन नहीं आये हैं, जबकि कुछ विद्यालय ऐसे भी हैं जहां एक भी शिक्षक ने आवेदन नहीं किया है. विद्यालयवार आंकड़ों के अनुसार, भगवानपुर प्रखंड के अपग्रेडेड हाई सेकेंडरी स्कूल रामगढ़ में 8 शिक्षकों की आवश्यकता है, लेकिन अब तक सिर्फ 2 आवेदन प्राप्त हुए हैं. अधौरा प्रखंड के अपग्रेडेड हायर सेकेंडरी मॉडल स्कूल बहेरा में 11 पद रिक्त हैं, पर एक भी शिक्षक ने आवेदन नहीं किया है. रामपुर प्रखंड के नेहरू हाइस्कूल नोहटा में 6 पदों के विरुद्ध 3 आवेदन आये हैं. वहीं, चांद प्रखंड के रामदुलारी जगदीप हाई स्कूल बहुआरा में 4 सीटों के लिए 5 शिक्षकों ने आवेदन किया है, जो निर्धारित संख्या से अधिक है. नुआंव प्रखंड के रामायण सिंह हाईइस्कूल बनके बहुआरा में 4 सीटें हैं, लेकिन अब तक कोई आवेदन नहीं मिला है. चैनपुर प्रखंड के राधा कृष्ण हाइस्कूल चिताड़ी में 3 पदों के लिए एक भी आवेदन नहीं हुआ है. दुर्गावती प्रखंड के हाइस्कूल धनेक्षा में 4 पदों पर 2 आवेदन आये हैं, जबकि हाइस्कूल जहानाबाद में 5 सीटों के लिए 6 आवेदन मिले हैं. भभुआ प्रखंड के अपग्रेडेड हाइस्कूल महेसुआ में 8 पदों के विरुद्ध 6 आवेदन प्राप्त हैं. रामगढ़ प्रखंड के नवभारत प्लस टू हाइस्कूल देवहालिया में 5 पदों के लिए मात्र 1 आवेदन आया है. मोहनिया प्रखंड के सेवा निकेतन प्लस टू विद्यालय बरहुली में 2 पद खाली हैं, लेकिन अब तक एक भी आवेदन नहीं हुआ है. यह स्थिति विभाग के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. मॉडल स्कूलों में नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की गयी थी, जिसके आधार पर चयनित छात्रों की सूची भी जारी कर दी गयी है. विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि 10 अप्रैल से कक्षाओं का संचालन हर हाल में शुरू किया जाये. इसके बावजूद शिक्षकों की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिससे समय पर पढ़ाई शुरू करने में दिक्कतें आ सकती हैं. = सीट बढ़ाने की तैयारी, फिर से परीक्षा की संभावना शिक्षा विभाग मॉडल स्कूलों में सीटों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है, खासकर छात्राओं के नामांकन को बढ़ावा देने के लिए. इसके लिए एक बार फिर प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की तैयारी चल रही है. हालांकि, शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति में रुचि कम होना इस योजना के सफल क्रियान्वयन में बाधा बन सकता है. गौरतलब है कि कैमूर जिले में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक व प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से स्थापित मॉडल स्कूलों को लेकर एक नयी चुनौती सामने आ गयी है. जहां एक ओर छात्रों में इन स्कूलों में नामांकन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शिक्षक इन स्कूलों में प्रतिनियुक्ति के लिए आगे आने से कतरा रहे हैं. विभाग ने 60 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति का लक्ष्य रखा है, लेकिन अब तक केवल 25 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं. इससे यह स्पष्ट होता है कि शिक्षकों में मॉडल स्कूलों में काम करने को लेकर उत्साह की कमी है. शिक्षकों को आवेदन के लिए किया जा रहा प्रेरित कई शिक्षकों का मानना है कि नये वातावरण, अतिरिक्त जिम्मेदारियों व संभावित दबाव के कारण वे वहां जाने से बच रहे हैं. इस बीच विभागीय स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है व शिक्षकों को आवेदन के लिए प्रेरित किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि यदि आवश्यक हुआ तो वैकल्पिक उपाय भी अपनाये जायेंगे, ताकि निर्धारित समय पर कक्षाओं का संचालन शुरू हो सके. मॉडल स्कूलों में बेहतर शिक्षा, अनुशासन व आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे सरकारी स्कूलों की छवि में सुधार हो सके. लेकिन यदि समय रहते शिक्षकों की कमी को दूर नहीं किया गया, तो इस महत्वाकांक्षी योजना पर असर पड़ सकता है. फिलहाल विभाग की नजर इस बात पर टिकी है कि 10 अप्रैल तक स्थिति में सुधार हो व मॉडल स्कूलों में शिक्षण कार्य सुचारु रूप से शुरू किया जा सके.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: VIKASH KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >