रामगढ़ वार्ड नौ में नल-जल योजना फेल, पांच वर्षों से बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण

नल तो लगे पर जल का पता नहीं, पाइप के नीचे गड्ढा खोदकर प्यास बुझाने को लोग मजबूर

नल तो लगे पर जल का पता नहीं, पाइप के नीचे गड्ढा खोदकर प्यास बुझाने को लोग मजबूर # पांच वर्ष पहले साढ़े सात लाख की लागत से पीएचइडी ने 250 घरों में किया था कनेक्शन जलमीनार के अभाव में संकट गहराया, लोग गड्ढा खोदकर कर रहे पानी का जुगाड़ रामगढ़. नगर पंचायत रामगढ़ के वार्ड नौ में पीएचइडी द्वारा लगाये गये नल जल योजना के तहत पांच वर्षों बाद भी ग्रामीणों की प्यास बूझते नहीं दिख रही है. आसमान से बरसती आग, तेज तपिश व घटते भू-जल स्तर के बीच ग्रामीण प्यास बुझाने को लेकर पहाड़ी क्षेत्र की तरह नल के पाइप के नीचे गड्ढा खोदकर पानी एकत्रित करने व प्यास बुझाने को मजबूर हैं. वहीं, दूसरी ओर पदाधिकारियों द्वारा वर्षों बीत जाने के बाद भी केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है. दरअसल, नगर पंचायत का दर्जा मिलने के पूर्व ग्रामीणों की पेयजल समस्या को देखते हुए पीएचइडी विभाग द्वारा साढ़े सात लाख की लागत से बिना जलमीनार लगाये पांच एचपी का मोटर लगाकर 250 घरों को डायरेक्ट पानी सप्लाई का कनेक्शन दिया गया था. तब से अब तक पानी का फ्लो कम होने के कारण सभी घरों तक पानी नहीं पहुंचता है. एक तरफ सरकार द्वारा हर घर नल जल योजना के तहत ग्रामीणों की प्यास बुझाने के दावे किये जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पांच वर्ष बाद भी नगर पंचायत रामगढ़ के वार्ड नौ के ग्रामीणों के हलक आज भी सूखे हैं. धरातल पर की गयी इस रिपोर्ट के दौरान ग्रामीणों के दर्द कुछ इस प्रकार खुलकर सामने आये हैं. # क्या कहते हैं ग्रामीण वार्ड नौ के रहने वाले सोनू तिवारी ने कहा 250 घरों में नल जल का कनेक्शन लगे पांच वर्ष हो गये, किंतु 50 घरों में भी ढंग से पानी नहीं मिल रहे हैं. तापमान बढ़ने के साथ जल स्तर घट रहा, ऐसे में किसी के घर पानी नहीं पहुंचेंगे. सभी घरों तक पानी नहीं पहुंचने का मुख्य कारण मोटर की डायरेक्ट सप्लाई है. जब तक एक ऊंचे बड़े जल मीनार का निर्माण नहीं होगा, पानी को बड़ी टंकी द्वारा सप्लाई नहीं किया जायेगा, तब तक सभी घरों को पानी मिलना मुश्किल है. -वार्ड नौ के रहने वाले सुनील शर्मा ने कहा पांच वर्षों से लगाये गये पीएचइडी के नल जल के पाइप कई जगह से टूटी है. कम एचपी के मोटर होने का कारण भी सभी घरों तक पानी का नहीं पहुंचना हो सकता है. लोगों को पांच वर्षों से लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी उक्त योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. – वार्ड नौ के रहने वाले जनार्दन तिवारी ने कहा लाखों रुपये की लागत से लगाये गये इस योजना का क्या लाभ, जब नल जल से किसी की प्यास ही ना बूझे. 400 घरों की बस्ती में 250 घरों को कनेक्शन दिये गये. 50 से ज्यादा घरों तक आज भी पानी नहीं पहुंच रहा, ज्यादातर घरों के नल के हलक आज भी सूखे हैं. विभाग द्वारा अगर जलमीनार का निर्माण कर पुराने पाइप की रिपेयरिंग कराते हुए ज्यादा एचपी के मोटर लगा दिया जाये, तो सभी घरों को पानी आसानी से मिल सकता है. –वार्ड नौ की रहने वाली सलमा बीवी ने कहा नल में पानी नहीं आने के कारण दूसरे घरों जिनके घरों में सबमर्सिबल है, उनसे विनती कर किसी तरह पानी मांग कर लाते हैं. वहां पानी नहीं मिलने पर घर से 500 मीटर दूर मधुकरी बाबा के यहां लगे चापाकल से पानी लाना पड़ता है. गर्मी के दिनों में पानी का लेयर घटने पर वह भी बंद हो जाता है, ऐसे में प्यास बुझाना काफी मुश्किल हो जाता है. – कहते हैं वार्ड पार्षद प्रतिनिधि – वार्ड पार्षद प्रतिनिधि चंदन चौबे ने कहा वार्ड के लोगों की समस्या को लेकर 10 बार से अधिक नगर पंचायत के इओ को पत्र के माध्यम व बोर्ड की बैठक में अवगत करा चुके हैं. ग्रामीण कई वर्षों से पानी को लेकर परेशान हैं. प्यास बुझाने को लेकर 30 से 40 घरों के ग्रामीण टुल्लू पंप लगाकर पाइप से किसी तरह पानी निकाल रहे, तो कई जगह पर ग्रामीण घरों के आगे पानी पाइप के नीचे गड्ढे खोदकर पानी एकत्रित कर अपनी प्यास बुझा रहे है. डायरेक्ट सप्लाई से कभी भी सभी घरों तक पानी नहीं पहुंचेंगे. वार्ड में जल मीनार लगाने को लेकर कई बार कह चुके, किंतु पदाधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन दिया जाता है. # क्या कहते हैं संवेदक छह वर्षों पूर्व 250 घरों को पानी की डायरेक्ट सप्लाई देने वाले संवेदक विश्वामित्र सिंह यादव ने कहा पीएचइडी द्वारा साढ़े सात लाख की लागत से 250 घरों को पांच एचपी के मोटर लगाकर पानी सप्लाई करने के लिए योजना लगायी गयी थी, जिसमें सभी घरों को कनेक्शन दिया गया था. डायरेक्ट सप्लाई से पानी का फ्लो कम होने के कारण सभी घरों में पानी पहुंचने में दिक्कत होती थी. # क्या कहते हैं इओ उक्त संबंध में नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल कुमार ने कहा दो दिनों पूर्व वार्ड नौ में पानी की समस्या को लेकर गये थे, स्थित बहुत ही दयनीय है. वार्ड के लोग कई जगह पर गड्ढा खोद उसमें पानी एकत्रित कर अपनी प्यास बुझाने को विवश है. उक्त वार्ड में बिना जल मीनार लगे पानी का फ्लो तेज करना काफी मुश्किल है. दो दिनों पूर्व पीएचइडी द्वारा उक्त योजना को हैंड ओवर लिया गया है. बोर्ड की बैठक में इसे पास कर टेंडर करते हुए बहुत जल्द जल मीनार का स्ट्रक्चर खड़ा कर टूटे पाइप को दुरुस्त करते हुए लोगों की प्यास बुझाई जायेगी.

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By VIKASH KUMAR

VIKASH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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