चेतावनी के बाद 700 में से 229 प्रधानाध्यापकों ने जमा किया प्रमाणपत्र मार्च का वेतन अटका, अप्रैल में भी लापरवाही पड़ सकती है भारी. भभुआ नगर. जिले में उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) जमा नहीं करने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए वेतन पर रोक लगा दी है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) शंभू कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन विद्यालयों के प्रधानाध्यापक अब तक उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं कर पाये हैं, उन्हें मार्च माह का वेतन नहीं दिया गया है. साथ ही स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि अप्रैल माह में भी यूसी जमा नहीं किया गया, तो अप्रैल का वेतन भी रोक दिया जायेगा. इस आदेश से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. जानकारी के अनुसार, डीपीओ कार्यालय द्वारा 24 मार्च को आदेश जारी कर वित्तीय वर्ष 2024-25 व 2026-27 के अंतर्गत लगभग 700 प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा गया था और उनके वेतन पर रोक लगायी गयी थी. इसके बाद 229 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व प्रभारी प्रधानाध्यापक ने उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा कर दिया. प्रमाण पत्र जमा करने के बाद इन सभी का रुका हुआ वेतन कड़ी चेतावनी के साथ जारी कर दिया गया. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. इसके बावजूद अभी भी 471 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं किया गया है. ऐसे सभी संबंधितों को मार्च के साथ-साथ अप्रैल माह का वेतन भी नहीं दिया जायेगा. डीपीओ शंभू कुमार सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी यूसी जमा नहीं किया गया, तो संबंधितों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जायेगी. विभाग द्वारा उन विद्यालयों की सूची भी प्रकाशित कर दी गयी है, जिन्होंने अब तक प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है. इस कदम से विभाग ने साफ संकेत दिया है कि वित्तीय नियमों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं देने वाले 471 प्रधानाध्यापकों का वेतन रुका
जिले में उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) जमा नहीं करने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए वेतन पर रोक लगा दी है.
