रविवार रात 11 बजे व्हील चेयर को लेकर सदर अस्पताल बना रणक्षेत्र

मरीज के परिजनों व अस्पताल के गार्डों के बीच जमकर चले लाठी-डंडे

मरीज के परिजनों व अस्पताल के गार्डों के बीच जमकर चले लाठी-डंडे भर्ती वार्ड में मची अफरातफरी, ड्यूटी में तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मी भयभीत होकर कमरों में छुपी = सूचना पर भारी संख्या में पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर कराया शांत भभुआ सदर. सदर अस्पताल भभुआ इन दिनों पुनः अपने कारनामों से सुर्खियों में रहने लगा है. कभी डिलीवरी के नाम पर प्रसूति महिला के परिजनों से जबरन रुपये उगाहने, तो कभी दलालों द्वारा मरीजों को बरगलाने के मामले में. ताजा घटनाक्रम में रविवार की रात साढ़े 11 बजे भर्ती वार्ड का है, जहां व्हील चेयर ले जाने के मामूली विवाद में सदर अस्पताल रण क्षेत्र में तब्दील हो गया. इस दौरान सदर अस्पताल के सुरक्षा में लगे निजी सुरक्षाकर्मियों और मरीज के परिजनों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले. देर रात तीसरे मंजिल पर स्थित भर्ती वार्ड में हंगामा और गाली-गलौज के बाद दोनों ओर से लाठी डंडे चलने लगे. इसके बाद किसी प्रकार मामला शांत हुआ, तो इसी बीच मरीज के परिजन बाहर से कुछ लोगों को बुलवा लाये. यहां बाहर से आये लोगों और गार्डों के बीच अस्पताल परिसर में एक बार फिर से लाठी डंडे चलने लगे और मारपीट होने लगी. हालांकि, तब तक सूचना पर डायल 112 की तीन पुलिस टीम सदर अस्पताल पहुंची और दोनों पक्षों को समझा बुझाकर अलग किया गया और मामले को सुलझाया गया. इस दौरान लगभग दो घंटे तक सदर अस्पताल रणक्षेत्र में तब्दील रहा और हर तरफ अफरातफरी मची रही. देर रात 12 बजे के बाद सदर अस्पताल का माहौल सामान्य रहा. = भर्ती वार्ड में जबरन व्हील चेयर रखने पर बढ़ा विवाद दरअसल, रविवार को देर रात भभुआ प्रखंड के बरहुली गांव के रहनेवाले 52 वर्षीय विजय कुमार मिश्रा पिता शोभनाथ मिश्रा की तबीयत अचानक खराब हो गयी, तो रात 11 बजे परिजन उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर आये. यहां इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने मरीज को देख उन्हें भर्ती कर इलाज कराने को कहा. भर्ती किये जाने के बाद परिजन चलने फिरने के स्थिति में नहीं होने की वजह से परिजन उन्हें इमरजेंसी मरीजों के लिए निचले तल पर रखे व्हील चेयर पर बैठाकर तीसरी मंजिल पर स्थित भर्ती वार्ड में लेकर चले गये. इस बीच जब व्हील चेयर लेकर वापस परिजन नीचे नहीं आये, तो सुरक्षा में तैनात गार्डों ने भर्ती वार्ड में जाकर व्हील चेयर नीचे ले जाकर रखने को कहा. इस पर मरीज के परिजनों ने भर्ती मरीज को शौचालय आदि में ले जाने और लाने में दिक्कत होने का कह व्हील चेयर साथ रखने की बात कही. इसी बात को लेकर गार्डों और मरीज के परिजनों के बीच कहासुनी और विवाद होने लगा. इस बीच व्हील चेयर को लेकर विवाद काफी बढ़ गया और गाली गलौज के बाद दोनों तरफ से लाठी डंडे चलने लगे, जिससे भर्ती वार्ड में अफरातफरी मच गयी और ड्यूटी में तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मी भयभीत होकर कमरों में छुप गयी. = पुनः बाहर से बुलाये गये लोगों के बीच हुआ विवाद व झगड़ा इधर,भर्ती वार्ड में मामला शांत हो जाने के बाद जब गार्ड नीचे आने लगा, तो कुछ लोगों को घटना की जानकारी देते हुए उन्हें अस्पताल बुलाया गया. इस बीच जब गार्ड नीचे भूतल पर स्थित शिव मंदिर के पास आये, तो बाहर से बुलाये गये लोग मंदिर के समीप एक बार फिर से गार्डों के साथ गाली गलौज करते हुए मारपीट पर उतारू हो गये. हालांकि, तब तक सूचना मिलने पर भारी संख्या में पुलिस सदर अस्पताल पहुंच गयी और पुलिस ने मामले को शांत कराते हुए दोनों पक्ष को शांत कराया. = अस्पताल प्रबंधन को नहीं मिली मारपीट और हंगामे की जानकारी इधर, रविवार की रात सदर अस्पताल में हंगामा और मरीज के परिजनों और निजी सुरक्षाकर्मियों के बीच लाठी डंडे चलने की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को नहीं लगी है. इस घटना को लेकर सोमवार को सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ विनोद कुमार से पूछा गया, तो उन्होंने इस घटना से अनभिज्ञता जाहिर की. इसके बाद उन्होंने रात्रिकालीन स्टाफ से पूछा और कहा कि इस मामले की शिकायत उनके समक्ष नहीं आयी है. ऐसी कोई शिकायत आती है, तो जांच कर अवश्य कार्रवाई की जायेगी.

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Author: VIKASH KUMAR

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