Patna News : महासंघ, पटना के आह्वान पर शनिवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित राजर्षि शारिवाहन डिग्री महाविद्यालय परिसर में शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने विभिन्न मांगों को लेकर एकदिवसीय धरना दिया. धरने की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. शैलेंद्र कुमार ने की, जबकि संचालन डॉ. भरत सिंह और डॉ. श्याम किशोर सिंह ने संयुक्त रूप से किया.
काली पट्टी बांधकर सरकार के खिलाफ जताया विरोध
धरने पर बैठे शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने बांहों पर काली पट्टी बांध रखी थी और हाथों में मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. शिक्षकों ने कहा कि जब तक वेतन और पेंशन का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
वेतन-पेंशन और बकाया अनुदान के भुगतान की मांग
धरने के दौरान कर्मियों ने वेतन-पेंशन का भुगतान करने, सभी बकाया अनुदान जारी करने और वर्तमान महंगाई दर के अनुसार एकमुश्त राशि उनके खातों में देने की मांग की. इसके अलावा अनुदान की डेढ़ करोड़ रुपये की सीमा का बंधन समाप्त करने की भी मांग उठायी गयी.
विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 निरस्त करने की मांग
शिक्षकों ने विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 को निरस्त करने, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि का जल्द मनोनयन करने तथा पटना उच्च न्यायालय के न्यायिक निर्णय को लागू करने की मांग की. इसके साथ ही विधान परिषद की शिक्षा समिति की अनुशंसा लागू करने और सभी संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों को अंगीभूत करने की मांग भी धरने के दौरान प्रमुखता से उठायी गयी.
बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मी रहे मौजूद
धरने में डॉ. कृपाल सिंह, डॉ. संतोष सिंह, प्रो. जय प्रकाश सिंह, प्रो. राहुल कुमार नीरज, प्रो. राकेश तिवारी, प्रो. मधेश्वर पासवान, प्रो. विनोद सिंह, प्रो. बृजराज कुमार, प्रो. पूर्ण प्रमोद कुमार, विनोद शर्मा, अम्बरीष सिंह, अजीत सिंह, अजय सिंह, दिलीप, जितेंद्र सिंह, अमरेश सिंह, पुरन शर्मा, शिव जन्म शर्मा सहित कई शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी मौजूद रहे.
