परीक्षा पे चर्चा का पंजीकरण धीमा, प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को सख्त निर्देश

विद्यार्थियों, अभिभावकों व शिक्षकों से पीएम करते सीधा संवाद

विभागीय समीक्षा में प्रगति सुस्त रहने पर डीपीओ ने जारी किया निर्देश लापरवाही पर वेतन कटौती व अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी छात्र, शिक्षक व अभिभावकों का पंजीकरण अनिवार्य विद्यार्थियों, अभिभावकों व शिक्षकों से पीएम करते सीधा संवाद भभुआ नगर. जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना परीक्षा पे चर्चा के अंतर्गत पंजीकरण की प्रगति विभागीय समीक्षा में काफी धीमी पायी गयी है. इसे गंभीरता से लेते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समग्र शिक्षा अभियान विकास कुमार डीएन ने जिले के सभी प्रधानाध्यापकों व कक्षा शिक्षकों को सख्त निर्देश जारी किये हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा है कि अब इस कार्य में किसी भी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी. इस संबंध में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा से जुड़े तनाव से मुक्त करना, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना व अभिभावकों व शिक्षकों को सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करना है. इस कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री द्वारा विद्यार्थियों, अभिभावकों व शिक्षकों से सीधा संवाद किया जाता है, जिससे बच्चों को परीक्षा के प्रति भयमुक्त वातावरण मिलता है. इसके बावजूद जिले में अपेक्षित संख्या में पंजीकरण नहीं होना चिंताजनक है. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रधानाध्यापक अपने अपने विद्यालय स्तर पर इसकी जिम्मेदारी स्वयं लें व यह सुनिश्चित करें कि अधिक से अधिक छात्र इस कार्यक्रम में पंजीकरण करायें. कक्षा शिक्षकों को भी अपने स्तर से पहल करते हुए विद्यार्थियों से सीधे संपर्क करने को कहा गया है. विशेष रूप से उन बच्चों तक फोन के माध्यम से पहुंचने का निर्देश दिया गया है, जो अब तक पंजीकरण से वंचित हैं. डीपीओ ने कहा कि केवल बच्चों को ही नहीं, बल्कि शिक्षकों व अभिभावकों को भी इस कार्यक्रम की जानकारी देना अनिवार्य है. इसके लिए सभी संबंधितों को परीक्षा पे चर्चा का आधिकारिक लिंक भेजकर जागरूक किया जाये व उन्हें पंजीकरण प्रक्रिया समझायी जाये, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ ले सकें. उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के मानसिक विकास व परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए अत्यंत उपयोगी है. डीपीओ विकास कुमार डीएन ने यह भी स्पष्ट किया कि अब प्रत्येक विद्यालय स्तर पर इस विषय की समीक्षा की जायेगी. समीक्षा के दौरान यह देखा जायेगा कि किस विद्यालय ने कितने छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों का पंजीकरण कराया है. जिन विद्यालयों में प्रगति संतोषजनक नहीं पायी जायेगी, वहां के प्रधानाध्यापक व संबंधित कक्षा शिक्षक जिम्मेदार माने जायेंगे. बच्चों के भविष्य को ध्यान में रख पूरी निष्ठा से करें कार्य उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समीक्षा में किसी प्रधानाध्यापक या शिक्षक की उदासीनता सामने आती है, तो उनके विरुद्ध वेतन कटौती के साथ साथ अनुशासनिक कार्रवाई भी की जायेगी. यह कार्रवाई विभागीय नियमों के तहत की जायेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रशासन की होगी. जिला शिक्षा विभाग का मानना है कि यदि सभी विद्यालय गंभीरता से प्रयास करें, तो जिले के हजारों छात्र इस कार्यक्रम से जुड़ सकते हैं. इससे न केवल बच्चों को परीक्षा से जुड़े तनाव से राहत मिलेगी, बल्कि अभिभावकों व शिक्षकों को भी बच्चों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलेगा. अंत में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने सभी प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों से अपील की कि वे इसे एक सकारात्मक अवसर के रूप में लें व बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पूरी निष्ठा से कार्य करें, ताकि कैमूर जिला परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सके.

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Author: VIKASH KUMAR

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