Kaimur News: राशन कार्ड पर 'महाछंटनी' के बाद अब नया संकट: तीन प्रखंडों में एमओ नहीं, भगवान भरोसे चल रही आपूर्ति व्यवस्था

कैमूर जिले में राशन कार्डों के सत्यापन के दौरान पात्र परिवारों के नाम गलती से हटा दिए गए हैं. अब नए राशन कार्ड बनाने और संशोधन के लिए प्रखंड कार्यालयों में भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन अधिकारियों की कमी से प्रक्रिया ठप पड़ी है. भभुआ, कुदरा और अधौरा में नियमित आपूर्ति पदाधिकारी (MO) नहीं हैं, जिससे व्यवस्था भगवान भरोसे है.

Kaimur News: कैमूर जिले में राशन कार्डों के सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के बाद अब पात्र परिवारों के सामने नया संकट खड़ा हो गया है. सत्यापन प्रक्रिया में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत पात्र कई निर्धन परिवारों के नाम भी गलती से कट गए हैं. अब नए राशन कार्ड बनाने और संशोधन के लिए प्रखंड कार्यालयों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन अधिकारियों की भारी कमी के कारण प्रक्रिया ठप पड़ी है. सबसे अधिक शिकायतें भभुआ अनुमंडल से आ रही हैं, जहां नाम जुड़वाने या नया कार्ड बनवाने के लिए लोग दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं.

तीन प्रखंडों में नियमित MO नहीं, प्रभार के भरोसे व्यवस्था

जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और खाद्य आपूर्ति व्यवस्था इस समय गंभीर प्रशासनिक संकट से गुजर रही है:

  • भभुआ, कुदरा और अधौरा प्रखंड में नियमित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (MO) पदस्थापित नहीं हैं.
  • इन तीनों प्रखंडों का कार्यभार अन्य अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार (Extra Charge) के रूप में सौंपा गया है.
  • इससे नए आवेदन लंबित पड़े हैं और राशन दुकानों की नियमित जांच व मॉनिटरिंग पूरी तरह प्रभावित हो रही है.

निगरानी करने वाले अधिकारी ही प्रभार में, पारदर्शिता पर उठे सवाल

जिले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि भभुआ और सुदूरवर्ती अधौरा प्रखंड का अतिरिक्त प्रभार अनुमंडल आपूर्ति पदाधिकारी (SDSO) को ही दे दिया गया है.

ग्रामीणों का कहना है कि जिस अधिकारी की मूल जिम्मेदारी प्रखंड स्तर के कार्यों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निगरानी (Monitoring) करना है, वही अधिकारी जब खुद प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के रूप में कार्य करेंगे, तो गड़बड़ियों की पारदर्शी जांच कैसे होगी? अधौरा जैसे दुर्गम इलाकों से अक्सर कम राशन मिलने, राशन हड़पने और पीडीएस दुकानदारों द्वारा अनियमितता की शिकायतें आती हैं, जिनका निपटारा प्रभार प्रणाली के कारण नहीं हो पा रहा है.

क्या कहते हैं जिला आपूर्ति पदाधिकारी: जिला आपूर्ति पदाधिकारी घनानंद कुमार ने बताया कि जिले में नियमित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (MO) की कमी के कारण विभागीय कार्यों को सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. भभुआ अनुमंडल आपूर्ति पदाधिकारी को भभुआ और अधौरा का प्रभार सौंपा गया है. उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र परिवार राशन से वंचित न रहे, इसके लिए विशेष अभियान चलाकर पात्र लोगों के नाम जोड़े जा रहे हैं.

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By Vikash kumar

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