भभुआ सदर अस्पताल के ICU की बदहाली पर एक्शन, इंचार्ज का वेतन बंद; DS-प्रबंधक से जवाब तलब

प्रभात खबर की खबर का बड़ा असर, भभुआ सदर अस्पताल के आईसीयू में लापरवाही बरतने पर इंचार्ज का वेतन बंद, डीएस और प्रबंधक से मांगा गया स्पष्टीकरण।

Kaimur News: सदर अस्पताल भभुआ में महज 27 दिन पहले शुरू हुए इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) की बदहाल व्यवस्था को लेकर प्रभात खबर में गुरुवार को प्रकाशित खबर का असर हुआ है. मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. सिविल सर्जन डॉ चंदेश्वरी रजक ने ICU इंचार्ज पुष्पेंद्र शर्मा का वेतन बंद करने का आदेश दिया है. वहीं, अस्पताल के उपाधीक्षक (DS) और अस्पताल प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा गया है.

जांच में खुली ICU की बदहाली

खबर प्रकाशित होने के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से ICU की व्यवस्था की जांच करायी गयी. जांच में कई स्तर पर लापरवाही सामने आने की बात कही जा रही है. ICU में मरीजों के लिए तैयार बेड पर धूल जमी थी और साफ-सफाई की स्थिति भी ठीक नहीं थी. ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठे.

सबसे अहम बात यह सामने आयी कि जांच के दौरान ICU में एक भी मरीज भर्ती नहीं था. गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गयी इस यूनिट में बेड, टेबल और उपचार से जुड़े उपकरण भी व्यवस्थित स्थिति में नहीं मिले.

DS और अस्पताल प्रबंधक से जवाब तलब

ICU की व्यवस्था में सामने आयी खामियों को लेकर अस्पताल के उपाधीक्षक और अस्पताल प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा गया है. उनसे पूछा गया है कि ICU शुरू होने के महज कुछ दिनों बाद ही व्यवस्था में लापरवाही की स्थिति कैसे उत्पन्न हुई और इसकी नियमित मॉनिटरिंग क्यों नहीं की गयी.

इसके अलावा ICU के संचालन, कर्मियों की ड्यूटी और उनकी जिम्मेदारियों को लेकर भी जवाब मांगा गया है. अस्पताल प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब ICU की व्यवस्था को बेहतर करने के लिए आगे और कदम उठाये जाने की उम्मीद है.

22 जुलाई को शुरू हुआ था ICU

सदर अस्पताल भभुआ में ICU की शुरुआत 22 जुलाई को बड़े स्तर पर की गयी थी. इसका उद्देश्य गंभीर मरीजों को तत्काल और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था. ICU शुरू होने के बाद उम्मीद थी कि गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे बड़े शहरों के अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत कम होगी.

हालांकि, संचालन शुरू होने के महज 27 दिनों में ही व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे. लोगों का कहना है कि ICU जैसी महत्वपूर्ण सुविधा को प्रभावी बनाने के लिए केवल उपकरण और बेड उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है. प्रशिक्षित कर्मियों की नियमित तैनाती, साफ-सफाई, उपकरणों की देखरेख और 24 घंटे निगरानी भी जरूरी है.

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By Amit Sinha

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