किसानों को निजी जमीन पर पौधारोपण के लिए प्रोत्साहित करने और पर्यावरण संरक्षण के साथ अतिरिक्त आर्थिक लाभ देने के उद्देश्य से बिहार सरकार की ओर से बीजी रामजी योजना संचालित की जा रही है. योजना के तहत किसान अपनी निजी जमीन पर पौधे लगाकर पांच वर्षों तक सरकार से आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं.
प्रति एकड़ 200 पौधे लगाने का प्रावधान
बीजी रामजी योजना के तहत प्रति एकड़ 200 पौधे लगाये जाएंगे. पौधारोपण के बाद इनकी देखभाल और संरक्षण के लिए लाभुकों को पांच वर्षों तक सहायता राशि देने का प्रावधान है. इसके तहत प्रत्येक माह 2400 रुपये की सहायता राशि दी जायेगी. यह राशि आठ दिनों की मनरेगा मजदूरी के बराबर निर्धारित की गयी है. इससे किसानों को पौधों की सिंचाई, सुरक्षा और नियमित देखभाल में आर्थिक सहयोग मिलेगा.
पांच साल तक पौधों की देखभाल पर मिलेगा लाभ
योजना का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखते हुए विकसित करना भी है. पांच वर्षों तक हर महीने सहायता राशि मिलने से किसान पौधों की नियमित देखभाल के लिए प्रोत्साहित होंगे. इससे निजी जमीन पर लगाए गये पौधों के जीवित रहने और बेहतर तरीके से विकसित होने की संभावना बढ़ेगी.
पौधारोपण से किसानों को मिलेगा अतिरिक्त आय का अवसर
बीजी रामजी योजना किसानों के लिए पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण है. निजी जमीन पर पौधारोपण करने से भविष्य में लकड़ी, फल या अन्य उपयोगी उत्पादों से अतिरिक्त आय का अवसर बन सकता है. वहीं बड़े पैमाने पर पौधारोपण से हरियाली बढ़ाने, मिट्टी के कटाव को रोकने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी.
निजी जमीन को हरित क्षेत्र में बदलने पर जोर
योजना के माध्यम से सरकार निजी भूमि को पौधारोपण के लिए उपयोग में लाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में हरित क्षेत्र बढ़ाने पर जोर दे रही है. किसानों को योजना का लाभ लेने से पहले पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी संबंधित विभाग से प्राप्त करनी होगी. पात्र किसान निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर अपनी निजी जमीन पर पौधारोपण करा सकते हैं.
जमीन के कागजात और तस्वीर देनी होगी
रामगढ़ मनरेगा पदाधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि निजी जमीन पर भी बीजी रामजी योजना के तहत पौधारोपण कराया जा रहा है. योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को जमीन के कागजात, शपथ पत्र और मौके पर खींची गयी भूमि की तस्वीर रोजगार सेवक के माध्यम से प्रखंड कार्यालय में उपलब्ध करानी होगी. कागजातों की जांच के बाद पात्र किसानों की जमीन पर योजना के तहत पौधारोपण कराया जायेगा. पौधों की देखभाल के लिए लाभुक को निर्धारित मासिक सहायता राशि भी दी जायेगी.
