नगर पर्षद की फाइलों में सिमटी पिंक टॉयलेट योजना, महिलाओं की बढ़ी मुश्किलें

वर्ष 2024 में ही भभुआ शहर में महिलाओं की सुविधा के लिए पिंक टॉयलेट का निर्माण कराया जाना था.

फोटो 1 एकता चौक स्थित इसी सार्वजनिक शौचालय पर बनाया जाना है पिंक टॉयलेट अनदेखी. बजट में प्रावधान व जगह चिह्नित होने के बाद भी नहीं कराया जा सका निर्माण = मार्च 2024 में नगर पर्षद के वार्षिक बजट में पारित हुआ था शहर में पिंक टॉयलेट का निर्माण कार्य = ओडीएफ प्लस शहर में सार्वजनिक शौचालय के भी हालत बदतर, कई सार्वजनिक शौचालय पर लगे ताले भभुआ ग्रामीण. वर्ष 2024 में ही भभुआ शहर में महिलाओं की सुविधा के लिए पिंक टॉयलेट का निर्माण कराया जाना था. इसको लेकर मार्च 2024 में नगर पर्षद के वार्षिक बजट में इसका प्रावधान भी किया गया था व पिंक टॉयलेट बनाने के लिए शहर के प्रमुख स्थानों पर जगह भी चयनित कर ली गयी थी. लेकिन महिलाओं के लिए बनी यह योजना साल खत्म होने के साथ ही नगर पर्षद की फाइलों में दबकर रह गयी व पिंक टॉयलेट का निर्माण अप्रैल 2025 तक भी नहीं कराया जा सका. ऐसे में खरीदारी के लिए बाजार जानेवाली महिलाओं सहित राहगीर महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. गौरतलब है कि नगर पर्षद के वार्षिक बजट 2024 में महिलाओं की सुविधा के लिए पिंक शौचालय के निर्माण का प्रावधान किया गया था. इसके तहत शहर के एकता चौक पर बने सार्वजनिक शौचालय के ऊपर, राजेंद्र सरोवर व वार्ड संख्या 25 गुरुद्वारा के पीछे सहित अन्य स्थानों को नगर पर्षद ने पिंक टॉयलेट के लिए चिह्नित किया था. शौचालय निर्माण के लिए नगर पर्षद के जेइ को प्राक्कलन बनाने का निर्देश भी दिया गया था. लेकिन इन सभी कवायदों के बावजूद चिह्नित स्थानों पर पिंक शौचालय का निर्माण नहीं कराया जा सका. शहर में महिलाओं को हो रही परेशानी को लेकर नगर पर्षद की उप सभापति रविता पटेल सहित महिला पार्षदों ने बैठक के दौरान कई बार पिंक शौचालय निर्माण का मुद्दा जोर-शोर से उठाया. इसके बावजूद एक साल बीत जाने के बाद भी यह महती योजना नगर पर्षद की फाइलों में दफन होकर रह गयी है. = शौचालय नहीं होने से महिलाओं को होती है परेशानी दरअसल, शहर में महिलाओं के लिए एक भी अलग शौचालय नहीं है. इसके चलते ग्रामीण इलाकों या बाहर से आनेवाली महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. मजबूरी में महिलाओं को एकता चौक पर बने सार्वजनिक शौचालय का उपयोग करना पड़ता है, जहां पुरुषों का भी आना-जाना रहता है. शहर की रहनेवाली अंजलि देवी व सविता कुंवर सहित अन्य महिलाओं का कहना है कि सार्वजनिक शौचालय में पुरुषों की आवाजाही के कारण महिलाओं को निवृत्त होने में संकोच होता है. महिलाओं के लिए अलग शौचालय का निर्माण जरूरी है. = राजस्व की पूर्ति नहीं होने पर संवेदक ने किये हाथ खड़े 2017 से ओडीएफ प्लस घोषित भभुआ शहर में पिंक शौचालय का निर्माण तो दूर, कई जगहों पर बने सार्वजनिक शौचालयों पर भी ताले लटके हुए हैं. नगर पर्षद की अनदेखी व लापरवाही के चलते राजेंद्र सरोवर व देवी जी रोड में बने सार्वजनिक शौचालयों पर कई महीनों से ताले लगे हुए हैं. इसके कारण लोगों को शौच के लिए खेतों व नालियों का सहारा लेना पड़ रहा है. दरअसल, नगर पर्षद ने एकता चौक, राजेंद्र सरोवर व देवी जी रोड सहित अन्य जगहों पर बने सार्वजनिक शौचालयों का टेंडर किया था. लेकिन, राजेंद्र सरोवर व देवी जी रोड के शौचालयों से राजस्व की पूर्ति नहीं होने पर संवेदक ने संचालन से हाथ खड़े कर लिये. इसके चलते दोनों शौचालय बंद पड़े हैं व उन पर ताला लगा हुआ है. = प्राक्कलन तैयार, जल्द शुरू होगा निर्माण नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय ने बताया कि पिंक शौचालय निर्माण के लिए टेंडर हो चुका है व शहर में जगह भी चिह्नित की जा चुकी है. जल्द ही चिह्नित स्थानों पर पिंक शौचालय का निर्माण शुरू कराया जायेगा. वहीं, दो जगहों पर सार्वजनिक शौचालय बंद रहने की सूचना पर स्थलीय जांच कर संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई की जायेगी.

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