शहर में न ही अलाव जला, न बंटे गये कंबल

KAIMUR NEWS.इन दिनों ठंड का कहर जारी है, लेकिन शहर में खानापूर्ति करने के समान अलाव जलाये जा रहे हैं. वहीं नगर पर्षद प्रशासन की ओर से वार्डों में रहनेवाले अत्यंत गरीब और जरूरतमंद लोगों में बांटने के लिए सभी वार्ड पार्षदों को कंबल मुहैया कराया गया है, लेकिन अधिकतर वार्डों में अब तक जरूरतमंद गरीबों को कंबल नहीं मिल सका है.

गरीबों पर आयी ठंड से आफत, ठिठुरते हुए रात गुजारने को विवश

फोटो 3. नौ बजे दिन में घने कोहरे के बीच लाइट जलाकर गुजरता ट्रक

प्रतिनिधि, भभुआ सदर.

ठंडा अब बढ़ रहल बा, नइखे बुझात की अब पेट कैसे चली, सरकारों हमनी पर ध्यान नइखे देत, अब त डीएम साहब चाहिहें तबहीं हमनी के ठंडा से बाचे खातिर कौनो उपाय करिहें, अलाव अउर कंबल के व्यवस्था हो जाइत तो हम गरीबन के भी पेट इ ठंडा में पला जाइत…… कुछ ऐसा ही कहना था बुधवार की शाम जबरदस्त ठंड और शीतलहर के बीच शहर में इ-रिक्शा चलाने वाले आंबेडकर नगर के 56 वर्षीय रामसकल राम का. वह अभी-अभी अखलासपुर से सवारी लेकर लौटे थे और एकता चौक पर ठंड से जमे हाथों और पैरों को कचरा बटोर जलाकर गरम करने का प्रयास कर रहे थे. ऐसी स्थिति का सामना एक अकेले राम सकल ही नहीं कर रहे, बल्कि शहर में सैकड़ों ऐसे रिक्शा, ठेला चालक सहित आश्रय विहीन गरीब लोग ठंड से परेशान हैं, जिनका कोई ठौर-ठिकाना नहीं है. दरअसल, इन दिनों ठंड का कहर जारी है, लेकिन शहर में खानापूर्ति करने के समान अलाव जलाये जा रहे हैं. वहीं नगर पर्षद प्रशासन की ओर से वार्डों में रहनेवाले अत्यंत गरीब और जरूरतमंद लोगों में बांटने के लिए सभी वार्ड पार्षदों को कंबल मुहैया कराया गया है, लेकिन अधिकतर वार्डों में अब तक जरूरतमंद गरीबों को कंबल नहीं मिल सका है.

बढ़ते ठंड और शीतलहर से गरीबों पर आयी शामत

इधर, संसाधनों के अभाव से ग्रस्त लोगों के लिए तेजी से बढ़ रही यह कड़ाके की ठंड मुश्किलें ही लेकर आयी है, लेकिन प्रशासन की तरफ से या फिर नगर पर्षद की ओर से नियमित रूप से शहर में अलाव जलाने की व्यवस्था अब तक शुरू नहीं हो सकी है. अब ऐसे में गरीब लोग जिनके पास सर छुपाने के लिए छत भी मयस्सर नहीं है और तन ढंकने के लिए ढंग के कपड़े तक नहीं हैं, उनके लिए फौरी तौर पर अलाव और कंबल की नितांत आवश्यकता होती है. लेकिन, प्रशासनिक स्तर पर चाहे वह जिला आपदा विभाग हो या नगर पर्षद या स्वास्थ्य विभाग हो, कहीं से भी फिलहाल गरीबों को राहत प्रदान करने वाली उम्मीद की किरण नजर नहीं आ रही है. वह भी तब जबकि राज्य सरकार के स्तर पर राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने जिले में अलाव और कंबल की तत्काल व्यवस्था के लिए राशि भी जारी कर दी है.

कनकनी व पछुआ हवा ढा रही कहर

दरअसल क्षेत्र में ठंड ने दस्तक तो पहले ही दे दी थी. लेकिन, पछुआ हवाओं के चलते अब पारा काफी नीचे आ चुका है. ऊपर से पिछले एक सप्ताह से सूर्यदेव के दर्शन में भी कोई खास जोर नजर नहीं आ रही हैं. शहर सहित पूरे जिले में रात और दिन के तापमान में प्रतिदिन गिरावट दर्ज की जा रही है. मंगलवार को तो रात का तापमान इस बार सबसे ठंडी रात के रूप में न्यूनतम 08 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. वहीं, बुधवार को भी शहर का पारा अधिकतम 17 डिग्री और न्यूनतम 09 डिग्री पर रहा. मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो इस प्रकार का मौसम इस महीने और नये साल के जनवरी महीने तक अपना असर दिखायेगा और लोगों को ठंड से निजात नहीं मिलेगी.

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Author: VIKASH KUMAR

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