Kaimur News : भभुआ शहर में अंतिम संस्कार की व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में प्रशासन ने बड़ी पहल की है. सात निश्चय योजना-2 के तहत दुमदुम के समीप सुवरन नदी के किनारे करीब 4.10 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक शवदाह गृह का निर्माण कराया जा रहा है. परियोजना में एक इलेक्ट्रिक शवदाह गृह के साथ दो लकड़ी शवदाह गृह बनाए जा रहे हैं. निर्माण कार्य बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) की ओर से कराया जा रहा है.
एक ही परिसर में इलेक्ट्रिक और लकड़ी से अंतिम संस्कार की सुविधा
निर्माणाधीन परियोजना में लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक और पारंपरिक दोनों तरह की व्यवस्था की जा रही है. एक ओर इलेक्ट्रिक शवदाह गृह बनाया जा रहा है, वहीं पारंपरिक तरीके से अंतिम संस्कार करने वाले लोगों के लिए दो लकड़ी शवदाह गृह तैयार किए जा रहे हैं. इससे लोगों को अपनी आवश्यकता और परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार की सुविधा मिल सकेगी.
गार्ड रूम, वेटिंग हॉल और शौचालय भी बनेंगे
शवदाह गृह परिसर को केवल अंतिम संस्कार स्थल के रूप में विकसित नहीं किया जा रहा है, बल्कि यहां आने वाले लोगों के लिए कई जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी. परिसर में गार्ड रूम, स्टोर, वेटिंग हॉल और शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है. गार्ड रूम से परिसर की सुरक्षा और निगरानी में मदद मिलेगी, जबकि स्टोर में आवश्यक सामग्री रखी जा सकेगी. वेटिंग हॉल और शौचालय जैसी सुविधाओं से अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों को सहूलियत होगी.
आबादी के बीच पुराने शवदाह गृह का हो रहा था विरोध
भभुआ शहर में पहले नगर पर्षद की ओर से सुवरन नदी के समीप और पटेल कॉलेज के पीछे शवदाह गृह का निर्माण कराया गया था. लेकिन आबादी के बीच शवदाह गृह होने के कारण स्थानीय लोगों की ओर से विरोध किया जाता रहा. कई बार शव जलाने का विरोध करते हुए सड़क जाम की स्थिति भी बनी. इसके बाद दुमदुम गांव के समीप सुवरन नदी के किनारे अंचल कार्यालय की ओर से जमीन उपलब्ध करायी गयी, जहां अब नया शवदाह गृह तैयार किया जा रहा है.
पुराने इंतजाम की परेशानियों से मिलेगी राहत
पटेल कॉलेज के पीछे स्थित पुराने शवदाह गृह में साफ-सफाई, रखरखाव और मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को परेशानी होती रही है. बरसात के दिनों में यह समस्या और बढ़ जाती है. ऐसे में दुमदुम के समीप बन रहा नया शवदाह गृह शहरवासियों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा साबित हो सकता है.
सितंबर के अंत तक पूरा होने की उम्मीद
करीब 4.10 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का निर्माण बुडको की ओर से कराया जा रहा है. बुडको के जेई कुश कुमार ने बताया कि परियोजना के तहत एक इलेक्ट्रिक और दो लकड़ी के शवदाह गृह बनाए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और सितंबर महीने के अंत तक शवदाह गृह के तैयार होने की उम्मीद है. निर्माण पूरा होने के बाद इसके नियमित संचालन, साफ-सफाई और रखरखाव की व्यवस्था भी अहम होगी.
