भीतरीबांध में नहीं बजती मोबाइल की घंटी, ऊंची पहाड़ी पर जाने पर होती बात

मोबाइल टावर लगने के बाद भी नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे हैं ग्रामीण

मोबाइल टावर लगने के बाद भी नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे हैं ग्रामीण गांव में नेटवर्क की समस्या से लोगों को परेशानी का करना पड़ रहा सामना रामपुर. रामपुर प्रखंड के पहाड़ी के तलहटी में बसे भीतरीबांध गांव के ग्रामीण नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे हैं. इससे भीतरीबांध गांव में मोबाइल टावर लगने के बाद भी ग्रामीणों को डिजिटल दुनिया का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा हैं. इससे लगाया गया मोबाइल टावर शोभा की वस्तु बन कर रह गया हैं. ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मोबाइल की घंटी आज भी नहीं बजती है, अगर कभी किसी से बात करनी होती है तो कहीं ऊंचे स्थान पर या पेड़ पर जाना होता है. यहां पिछले कई चुनाव लोकसभा, विधानसभा चुनाव के समय नेताओं द्वारा तरह तरह के सपने दिखाये गये थे, जिसमें पहाड़ी के तलहटी में बसे भीतरीबांध को भी डिजिटल बनाने का वादा जोर शोर से किया गया था. विगत लोकसभा चुनाव के कुछ वर्ष बाद बीएसएनएल मोबाइल का टावर तो लगा दिया गया, लेकिन कार्य नहीं करता है. सिर्फ शोभा की वस्तु बना हुआ हैं. जबकि, टावर लगने से किसी किसी गांव में कभी कभार वाट्सअप के जरिये बात हो पाती है, लेकिन वॉयस कॉल करने के लिए पिछले दिनों की तरह ऊंची पहाड़ी पर जाना पड़ता है. ग्रामीणों ने अपनी परेशानियों को बयां करते हुए कहा कि नेटवर्क नहीं रहने से कई तरह की परेशानियां आती हैं. खासकर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परेशानी या अन्य कोई घटना दुर्घटना होने पर तत्काल सूचना से ग्रामीण वंचित रह जाते हैं. जबकि, सरकार द्वारा सारी सुविधा व योजनाओं को डिजिटल से जोड़ दिया गया है, लेकिन गांव में नेटवर्क की समस्या होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. नेटवर्क की समस्या होने से पढ़ाई करने वाले छात्र ऑनलाइन क्लास से भी वंचित रह पर जाते हैं. ग्रामीण बताते है कि इस गांव में करीब 25 सौ से अधिक घर हैं, जिसमें लगभग 10 हजार से अधिक लोग निवास करते हैं. इसमें से 25 प्रतिशत लोग नेटवर्क सहित अन्य संसाधनों के कमी के कारण शहरी क्षेत्र में रहना पसंद करते हैं. गांव कहते हैं ग्रामीण –हम सभी ग्रामीण नेटवर्क की समस्या से जूझते आ रहे हैं और आज भी जूझ रहे हैं. सुविधा के लिए टावर तो लगाया गया, लेकिन आज भी नेटवर्क की समस्या जस की तस है. इससे कभी भी वॉयस कॉलिंग नहीं हो पाता है. – उमेश कुमार भारती –नेटवर्क नहीं रहने से सारी सरकारी सुविधाओं का हमें पता तक नहीं चल पाता है, जिससे ग्रामीणों को सरकार द्वारा मिलने वाली कई सुविधाओं से वंचित रहना विवशता बनी हैं. – कुंती देवी वार्ड सदस्य — लोकसभा, विधानसभा चुनाव के समय किये गये वादे के अनुरूप टावर तो लगवा दिया गया, लेकिन टावर का सुचारू ढंग से काम नहीं करना ग्रामीणों के लिए आज भी भारी परेशानियों का सबब बना हुआ है. – गुप्तेश्वर दास टावर संचालक

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: VIKASH KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >