लू के थपेड़ों से झुलस रहा जनजीवन, पानी की तलाश में इधर-उधर भटक रहे वन्य जीव

Kaimur News : पानी की तलाश में अधौरा पहाड़ी क्षेत्र से भटककर मैदानी इलाकों में घोड़ा, नीलगाय और हिरण जैसे वन्य जीव देखे जा रहे हैं, जो पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं.

Kaimur News : (संजय जायसवाल)  नुआंव प्रखंड क्षेत्र में भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. मई माह में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के बाद हालात और भी गंभीर हो गए हैं. तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण आम लोगों के साथ-साथ बेजुबान वन्य जीवों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

नहरें और तालाब सूखे, बढ़ी पानी की किल्लत

क्षेत्र में अधिकांश नहरें और ताल-तलैया सूख चुके हैं, जिससे जलस्रोतों का संकट गहरा गया है. ग्रामीणों का कहना है कि पानी की उपलब्धता न होने से वन्य जीवों की प्यास बुझाना मुश्किल हो गया है.

सुबह से ही गर्मी के कारण सड़कों और खेतों में सन्नाटा पसरा रहा. गांव के बधारों में लोग बहुत कम दिखाई दिए.

अधौरा से भटककर मैदानी इलाकों में पहुंचे वन्य जीव

पानी की तलाश में अधौरा पहाड़ी क्षेत्र से भटककर मैदानी इलाकों में घोड़ा, नीलगाय और हिरण जैसे वन्य जीव देखे जा रहे हैं, जो पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि नहरों के सूख जाने और तालाबों पर अतिक्रमण के कारण हालात और खराब हो गए हैं. कई जगहों पर तालाबों को मिट्टी भरकर पाट दिया गया है और उन पर मकान तक बना लिए गए हैं.

पर्यावरण असंतुलन पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और जलस्रोतों पर अतिक्रमण ने पर्यावरणीय संतुलन बिगाड़ दिया है। जहां पहले पेड़ लगाए जाने चाहिए थे, वहां निर्माण कार्य अधिक हुआ है.

किसानों ने उठाई पानी छोड़ने की मांग

बढ़ा गांव के किसान अनुरंजन राय, सिसौड़ा के सुहैल खान और नुआंव के ललन पांडेय ने कहा कि अगर जल्द जल संरक्षण और पानी की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया तो स्थिति और भयावह हो सकती है.

किसानों ने सिंचाई विभाग से नहरों में सीमित मात्रा में पानी छोड़ने की मांग की है, ताकि मवेशियों और वन्य जीवों की प्यास बुझाई जा सके और राहत मिल सके.

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Published by: Rajeev Kumar

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