कैमूर में 20वें दिन पेड़ के नीचे लगी पाठशाला, भवन में बच्चों को भेजने से अभिभावकों ने किया इनकार

लोहंदीकरर विद्यालय में अफवाहों के कारण 20 दिनों से पढ़ाई बंद थी। अब अधिकारियों ने गांव में पेड़ के नीचे पाठशाला लगाकर बच्चों की पढ़ाई फिर से शुरू कराई है।

Kaimur News : अधौरा प्रखंड के लोहंदीकरर गांव स्थित विद्यालय में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई शुक्रवार को 20वें दिन भी विद्यालय भवन के बाहर हुई. बच्चों को विद्यालय भवन में भेजने को लेकर अभिभावकों की आशंका दूर नहीं होने पर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की टीम गांव पहुंची. अधिकारियों ने काफी देर तक ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन अभिभावक बच्चों को विद्यालय भवन में भेजने के लिए तैयार नहीं हुए. इसके बाद अधिकारियों ने गांव में ही पेड़ के नीचे पाठशाला शुरू कराकर बच्चों का पठन-पाठन कराया.

डीईओ समेत शिक्षा-स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संभाली कमान

गांव पहुंची टीम में जिला शिक्षा पदाधिकारी साकेत रंजन, अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी लेखा योजना माध्यमिक शिक्षा विष्णुकांत राय, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समग्र शिक्षा अभियान, डीपीएम भभुआ समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मी शामिल थे. अधिकारियों ने अभिभावकों से बातचीत कर बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई के लिए विद्यालय भेजने की अपील की.

अफवाहों पर भरोसा नहीं करने की दी सलाह

अधिकारियों ने ग्रामीणों से कहा कि किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा नहीं करें. विद्यालय भवन में किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या भूत-प्रेत जैसी कोई बात नहीं है. छात्राओं के पूर्व में बेहोश होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी और यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि छात्र-छात्राएं किन कारणों से अस्वस्थ होकर बेहोश हुए थे.

बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों प्राथमिकता

अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ उनकी शिक्षा भी विभाग की प्राथमिकता है. अफवाहों के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए. ग्रामीणों से अपील की गयी कि किसी घटना की जानकारी मिलने पर अफवाह फैलाने के बजाय तत्काल शिक्षा या स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें. अधिकारियों ने बच्चों से भी बातचीत कर उन्हें नियमित पढ़ाई के लिए प्रेरित किया.

पेड़ के नीचे फिर बना पढ़ाई का माहौल

विद्यालय भवन में जाने से अभिभावकों के इनकार के बाद अधिकारियों ने पेड़ के नीचे ही बच्चों को बैठाकर पढ़ाई शुरू करायी. लंबे अंतराल के बाद बच्चों के बीच शिक्षक और अधिकारियों की मौजूदगी में दोबारा पढ़ाई का माहौल बना. शुक्रवार को काफी संख्या में छात्र-छात्राएं वैकल्पिक पाठशाला में पहुंचे. इससे करीब तीन सप्ताह से बने गतिरोध को तोड़ने की उम्मीद जगी है.

तीन छात्राओं के बेहोश होने के बाद फैली थी अफवाह

करीब 19 दिन पहले विद्यालय में पढ़ाई के दौरान तीन छात्राएं अचानक बेहोश हो गयी थीं. इसके बाद ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गयीं. कुछ ग्रामीण छात्राओं को ओझा के पास भी ले गये. ओझा द्वारा विद्यालय में भूत-प्रेत होने की बात कहे जाने के बाद अभिभावकों में भय का माहौल बन गया और बच्चों ने विद्यालय जाना बंद कर दिया.

विद्यालय खुला तो फिर बेहोश हुआ छात्र

शिक्षा विभाग के अधिकारियों की पहल के बाद करीब 10 दिन में विद्यालय दोबारा खुला, लेकिन विद्यालय खुलने के बाद एक छात्र के फिर बेहोश होने की घटना सामने आयी. इससे विद्यालय पहुंचे अन्य छात्र-छात्राओं में भी डर का माहौल बन गया और वे बाहर निकल गये. इसके बाद शिक्षक लगातार विद्यालय पहुंचते रहे, लेकिन बच्चों की उपस्थिति नहीं हो रही थी.

वैकल्पिक स्थान पर पढ़ाई का पहले ही लिया गया था फैसला

बच्चों की लगातार अनुपस्थिति और अभिभावकों की आशंका को देखते हुए शिक्षा विभाग ने एक दिन पहले ही निर्णय लिया था कि स्थिति सामान्य होने तक विद्यालय भवन के बजाय गांव में किसी सुरक्षित स्थान पर बच्चों का पठन-पाठन कराया जायेगा. इसी निर्णय के तहत शुक्रवार को पेड़ के नीचे पाठशाला शुरू की गयी.

खबर के बाद गांव पहुंची अधिकारियों की टीम

लोहंदीकरर विद्यालय में करीब तीन सप्ताह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के मामले को प्रभात खबर ने लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया था. शिक्षक विद्यालय पहुंच रहे थे, लेकिन बच्चों की अनुपस्थिति के कारण पठन-पाठन प्रभावित था. खबरों के माध्यम से मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की टीम गांव पहुंची और अभिभावकों के साथ बातचीत कर गतिरोध दूर करने का प्रयास किया.

स्वास्थ्य जांच के बाद सामने आएगा बेहोशी का कारण

अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होने दी जायेगी. स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्चों की जांच करेगी और पूर्व में हुई बेहोशी की घटनाओं के कारणों की पड़ताल करेगी. अधिकारियों ने अभिभावकों से सहयोग की अपील करते हुए बच्चों को नियमित रूप से वैकल्पिक स्थान पर चल रही पाठशाला में भेजने को कहा. शुक्रवार को पेड़ के नीचे बच्चों की मौजूदगी से लंबे समय से ठप पढ़ाई को दोबारा पटरी पर लाने की उम्मीद बढ़ी है.


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By Vikash kumar

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