दुर्गावती में आकाशीय बिजली और तेज हवा से बिजली व्यवस्था चरमराई, तीन दर्जन गांवों में 12 घंटे अंधेरा

दुर्गावती प्रखंड में तेज हवा और आकाशीय बिजली गिरने से खजुरा और भेरिया फीडर की बिजली 12 घंटे तक ठप रही, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र में बुधवार की रात तेज हवा, बारिश और आकाशीय बिजली के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गयी. पावर हाउस कर्मनाशा के खजुरा और भेरियां फीडर से जुड़े करीब तीन दर्जन गांवों में करीब 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही. आकाशीय बिजली गिरने से करीब एक दर्जन इंसुलेटर जल गये, जबकि तेज हवा के कारण ढंढ़हर और धनसराय के पास बिजली के पोल लटक गये. भानपुर के पास विद्युत तार भी नीचे गिर गये.

बिजली आपूर्ति बुधवार की रात करीब 11 बजे बंद हुई और गुरुवार की सुबह तक प्रभावित रही. इससे ग्रामीणों को रातभर परेशानी का सामना करना पड़ा.

एक घंटे की बारिश में बिगड़ी व्यवस्था

बुधवार की रात बादलों की तेज गरज और चमक के बीच करीब एक घंटे तक तेज हवा के साथ बारिश हुई. इसी दौरान आकाशीय बिजली की धमक से विद्युत लाइन में कई जगह खराबी आ गयी.

खजुरा और भेरियां फीडर से जुड़े गांवों में अचानक बिजली गुल होने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी. घरों में लगे पंखे और कूलर बंद हो गये और लोग उमस के बीच रात गुजारने को मजबूर हुए.

इंसुलेटर जले, पोल और तार क्षतिग्रस्त

आकाशीय बिजली के कारण करीब एक दर्जन इंसुलेटर जल गये. वहीं तेज हवा के कारण ढंढ़हर और धनसराय के पास विद्युत पोल लटक गये.

भानपुर के पास बिजली का तार नीचे गिरने से भी आपूर्ति बाधित हो गयी. खराबी की जानकारी मिलने के बाद बिजली विभाग के कर्मचारी सुबह से ही व्यवस्था ठीक करने में जुट गये.

कुछ देर के लिए बहाल हुई बिजली

विद्युत कर्मियों ने जले हुए इंसुलेटर बदलने का काम शुरू किया. कुछ स्थानों पर जंपर उतारकर खजुरा फीडर से जुड़े गांवों में सुबह करीब 10.45 बजे बिजली आपूर्ति बहाल की गयी.

हालांकि करीब 10 मिनट बाद ही बिजली फिर बंद हो गयी. इस दौरान बिजली आने पर लोगों ने आनन-फानन में समरसेबल चलाकर पेयजल की व्यवस्था की.

मोबाइल डिस्चार्ज होने से भी परेशानी

लगातार कई घंटे बिजली नहीं रहने से लोगों के मोबाइल फोन भी डिस्चार्ज हो गये. इससे ग्रामीणों को एक-दूसरे से संपर्क करने में परेशानी हुई.

बिजली नहीं रहने के कारण घरों में लगे पंखे और कूलर भी बंद रहे. उमस और गर्मी के बीच लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी.

पेयजल की सबसे बड़ी समस्या

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति ठप होने पर सबसे बड़ी समस्या पेयजल की होती है. समरसेबल नहीं चलने के कारण घरों में पानी की व्यवस्था प्रभावित हो जाती है.

लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में खजुरा फीडर से जुड़े गांवों में बिजली व्यवस्था अक्सर प्रभावित होती है. बारिश और तेज हवा के बाद घंटों बिजली गुल रहने से ग्रामीणों को हर बार इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

11.35 बजे फिर बहाल हुई बिजली

विद्युत कर्मियों की लगातार कोशिश के बाद गुरुवार को करीब 11.35 बजे बिजली आपूर्ति फिर से बहाल हो गयी. इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली.

ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकृष्ट कराया है. लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए, ताकि मौसम खराब होने पर लंबे समय तक बिजली आपूर्ति ठप न रहे.


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By मैनुदीन शाह

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