वरिष्ठ नागरिकों को नि:शुल्क कानूनी सहायता व अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक भभुआ सदर. बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना के निर्देश पर और प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के मार्गदर्शन में रविवार को चैनपुर प्रखंड के चैनपुर पंचायत भवन में वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित जानकारी के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और नालसा (वरिष्ठ नागरिकों को विधिक सेवाएं) योजना के तहत आयोजित किया गया. शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पैनल अधिवक्ता जावेद खान ने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण व कल्याण अधिनियम, 2007 पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि कोई भी वरिष्ठ नागरिक जो स्वयं के अर्जन या अपनी संपत्ति से अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ है, वह अपने वयस्क बच्चों या संबंधी से भरण-पोषण प्राप्त करने का कानूनी हक रखते है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को नि:शुल्क कानूनी सहायता व परामर्श प्रदान किया जाता है. जागरूकता शिविर में पीएलवी मंजू देवी ने नालसा की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी. उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि यदि किसी वरिष्ठ नागरिक के साथ दुर्व्यवहार होता है या उन्हें उनके बुनियादी अधिकारों से वंचित किया जाता है, तो वे सीधे विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क कर सकते हैं. जिला विधिक सेवा प्राधिकार कानूनी रूप से उनका हक दिलायेगी. जागरूकता शिविर में ग्रामीणों सहित चैनपुर पंचायत के मुखिया व अन्य पंचायत प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे. शिविर के दौरान उपस्थित ग्रामीणों व वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना गया. जनप्रतिनिधियों ने भी प्राधिकार के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से समाज के अंतिम व्यक्ति तक कानून की जानकारी पहुंचती है. जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव सुमन सौरभ ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों को समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए उनके अधिकारों के प्रति सशक्त बनाना था. शिविर के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि वरिष्ठ नागरिक स्वयं को अकेला न समझें, क्योंकि देश का कानून और विधिक सेवा प्राधिकार हर कदम पर उनकी सहायता के लिए तत्पर है.
विधिक जागरूकता शिविर में दी गयी वरिष्ठ नागरिकों को कानून संबंधी जानकारी
वरिष्ठ नागरिकों को नि:शुल्क कानूनी सहायता व अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक
