नगर पंचायत अपशिष्ट प्रबंधन के लिए लीज पर लेगी जमीन, निविदा जारी

इच्छुक भूस्वामियों से तीन दिसंबर तक मांगे गये हैं आवेदन

इच्छुक भूस्वामियों से तीन दिसंबर तक मांगे गये हैं आवेदन शहर से पांच-छह किमी की परिधि में स्थित भूमि को दी जायेगी प्राथमिकता सभी प्रस्ताव 10 दिसंबर को जिलास्तरीय समिति की बैठक में खोले जायेंगे प्रभात खास मोहनिया शहर. स्थानीय नगर पंचायत ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भूमि लीज पर लेगी, जिसको लेकर नगर पंचायत द्वारा निविदा जारी की गयी है. इच्छुक भूस्वामी तीन दिसंबर तक बंद आवेदन नगर पंचायत कार्यालय में जमा कर सकते हैं. यह पहल एनजीटी के निर्देशों व नगर विकास व आवास विभाग के दिशा निर्देशों के अनुपालन में की गयी है, जिसके तहत लैडफिल, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ), कंपोस्ट प्लांट और एसटीपी-कम-एफएसटीपी के निर्माण के लिए भूमि का चयन किया जायेगा. इसके लिए नगर पंचायत को क्रमश: 2.5 एकड़ (लैडफिल), 1.5 एकड़ (एमआरएफ व कंपोस्ट प्लांट) तथा 2.1 से 3.5 एकड़ (एसटीपी-कम-एफएसटीपी) भूमि की आवश्यकता है. शहर से 5-6 किमी की परिधि में स्थित भूमि को प्राथमिकता दी जायेगी. जबकि, एसटीपी-कम-एफएसटीपी के लिए अनुमंडल कार्यालय के दक्षिणी क्षेत्र में नाला किनारे की जमीन उपयुक्त मानी गयी है. लीज की स्थिति में न्यूनतम अवधि 10 वर्ष निर्धारित की गयी है. निर्धारित शर्तों के तहत भूमि तक कम-से-कम 16 फुट चौड़ा पहुंच मार्ग होना चाहिए. भूमि जल जमाव रहित हो तथा इसके 200 मीटर दायरे में नदी, तालाब या झील जैसी संरचनाएं नहीं होनी चाहिए. साथ ही भूमि विवाद रहित, स्वामित्व स्पष्ट व हाइ टेंशन तारों से मुक्त होनी चाहिए. भूस्वामी को आवेदन के साथ सिड्यूल-1 प्रारूप, आधार, पता, मोबाइल नंबर, एलपीसी, लगान रसीद, निबंधन प्रमाण-पत्र/खतियान, स्वामित्व प्रमाण, वंशावली, इंडेक्स मैप, नजरी नक्शा, पहुंच पथ आदि का विवरण तथा विवाद व मार्गेज मुक्त होने का शपथपत्र संलग्न करना होगा. सभी प्रस्ताव 10 दिसंबर को जिलास्तरीय समिति की बैठक में खोले जायेंगे. नगर पंचायत ने प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए अधिक से अधिक भूस्वामियों से आवेदन करने की अपील की है. लाखों की मशीनें खा रही हैं जंग मोहनिया नगर पंचायत गठन के 13 वर्ष बाद भी स्थायी कूड़ा डंपिंग के लिए स्थल व कूड़ा निस्तारण केंद्र तय नहीं हो सका है. डंपिंग स्थल के अभाव में एनजीओ द्वारा वार्डों से निकला कूड़ा शहर के आसपास सड़कों के किनारे फेंका जा रहा है, जिससे लोगों को दुर्गंध और अव्यवस्था झेलनी पड़ती है. 2021 में नगर पंचायत ने कचरे से जैविक खाद बनाने की योजना शुरू करने की घोषणा की थी और लाखों रुपये की मशीनें खरीदी गयी थीं, जो वर्षों से बिना उपयोग के यूं ही पड़ी-पड़ी जंग खा रही हैं. यदि योजना शुरू हो जाती तो कचरे का निस्तारण व्यवस्थित तरीके से हो सकता था, लेकिन अब कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन क्रय करने या लीज पर लेने के लिए नगर पंचायत द्वारा पहले शुरू की गयी है, जिससे लोगों में काफी खुशी है. # क्या कहते हैं इओ इस संबंध में नगर पंचायत के इओ सुधांशु कुमार ने बताया कचरा निस्तारण प्लांट स्थापित करने के लिए नगर पंचायत द्वारा जमीन लीज पर लिया जायेगा, जिसको लेकर निविदा जारी की गयी है.

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Author: VIKASH KUMAR

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