कैमूर: कुढ़नी राम-जानकी मठ की 10.72 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री पर बवाल, ग्रामीणों ने किया अंचल कार्यालय का घेराव

कैमूर जिले के कुढ़नी गांव में राम-जानकी मठ की 10 एकड़ से अधिक जमीन महंत द्वारा कथित तौर पर भतीजे को बेचे जाने का मामला गरमा गया है. आक्रोशित ग्रामीणों ने नुआंव अंचल कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन कर म्यूटेशन रोकने की मांग की है.

Kaimur News: कैमूर जिले के नुआंव प्रखंड अंतर्गत कुढ़नी गांव स्थित प्रसिद्ध राम-जानकी मठ की 10 एकड़ 72 डिसमिल जमीन को महंत द्वारा कथित रूप से अपने ही भतीजे के हाथ बेचे जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. शुक्रवार की दोपहर दुमदुमा पंचायत के करीब 200 आक्रोशित ग्रामीणों ने नुआंव अंचल कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और परिसर का घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की.

ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी (सीओ) को ज्ञापन सौंपकर मठ की जमीन के म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है.

47 लाख से अधिक में भतीजे को बेची गई मठ की भूमि

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुढ़नी राम-जानकी मठ के महंत मकसूदनाचारी द्वारा लगभग 5 वर्ष पूर्व 22 अक्टूबर 2021 को मंदिर की 10.72 एकड़ जमीन अपने सगे भाई के पुत्र कौशल कुमार मिश्रा को ₹47,20,000 में रजिस्ट्री कर दी गई थी.

मठ के पुराने रिकॉर्ड के अनुसार, 7 अगस्त 1992 को पूर्व महंत जनार्दन शर्मा ने यह जमीन मकसूदनाचारी को 'हिबानामा' (दानपत्र) के रूप में दी थी. ग्रामीणों का तर्क है कि दान में मिली मठ की संपत्ति को कोई महंत निजी लाभ के लिए किसी व्यक्ति विशेष को नहीं बेच सकता.

म्यूटेशन खारिज होने के बाद DCLR कोर्ट पहुंचा था मामला

इस जमीन के दाखिल-खारिज के लिए क्रेता कौशल कुमार ने 23 फरवरी 2022 को आवेदन दिया था. तत्कालीन सीओ ने राजस्व कर्मचारी की रिपोर्ट और ग्रामीणों के विरोध का हवाला देते हुए 3 मई 2022 को म्यूटेशन रद्द कर दिया था.

इसके बाद आवेदक ने मोहनिया डीसीएलआर (DCLR) कोर्ट में अपील दायर की. लंबी सुनवाई के बाद डीसीएलआर कोर्ट ने सीओ को पुनः म्यूटेशन की प्रक्रिया बहाल करने का निर्देश दिया. हाल ही में जब ग्रामीणों को इस बात की भनक लगी, तो पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया.

"मठ की जमीन को निजी हाथों में नहीं जाने देंगे": ग्रामीण

सीओ कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल ज्योति प्रकाश सिंह और मनीष कुमार सिंह ने बताया कि 5 वर्ष पूर्व हुई इस गुप्त रजिस्ट्री की जानकारी ग्रामीणों को महज चार दिन पहले ही हुई है. उन्होंने कहा कि मठ पर अब तक 12 महंत आए और गए, लेकिन किसी ने ऐसी घृणित हरकत नहीं की. मठ की आय से ग्रामीणों को मतलब नहीं है, लेकिन धार्मिक संपत्ति को निजी संपत्ति बनाकर बेचना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

जांच कर वरीय अधिकारियों को भेजा जाएगा प्रतिवेदन: सीओ

ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद नुआंव सीओ अनामिका सिंह ने बताया:

"ग्रामीणों द्वारा मठ की जमीन की रजिस्ट्री के खिलाफ आपत्ति आवेदन प्राप्त हुआ है. मैं खुद कुढ़नी गांव जाकर मामले की निष्पक्ष जांच करूंगी. ग्रामीणों को वरीय अधिकारियों के समक्ष भी अपील दाखिल करने की सलाह दी गई है. जांच के बाद पूरी रिपोर्ट वरीय पदाधिकारियों को प्रेषित की जाएगी."


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sanjay jaiswal

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >