Kaimur News : कैमूर जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में 15 अगस्त से 15 सितंबर तक विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग करायी जायेगी. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देश पर यह स्क्रीनिंग प्रशस्त ऐप 2.0 के माध्यम से होगी. इसमें विद्यार्थियों की शैक्षणिक, व्यवहारिक और विशेष आवश्यकताओं की पहचान की जायेगी. खासकर सीखने, देखने, सुनने, बोलने, व्यवहार अथवा अन्य किसी क्षेत्र में विशेष सहायता की जरूरत वाले बच्चों को चिह्नित किया जायेगा. इसके लिए जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का प्रशस्त ऐप 2.0 पर ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य किया गया है.
परिषद के निर्देश के अनुसार शिक्षकों को निर्धारित वेब लिंक पर यू-डाइस में दर्ज अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से प्रशस्त ऐप 2.0 पर पंजीकरण करना होगा. शिक्षकों का पंजीकरण 31 जुलाई तक पूरा कराने का निर्देश दिया गया था. इसके बाद इसी ऐप के माध्यम से विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग की जायेगी. जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से कराने का निर्देश दिया गया है.
विशेष जरूरत वाले बच्चों की होगी शुरुआती पहचान
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा विकसित प्रशस्त ऐप 2.0 का इस्तेमाल विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग के लिए किया जा रहा है. इसके माध्यम से बच्चों की सीखने की स्थिति और विशेष शैक्षणिक जरूरतों से जुड़ी जानकारी जुटायी जायेगी. स्क्रीनिंग के दौरान ऐसे विद्यार्थियों को चिह्नित किया जायेगा, जिन्हें पढ़ाई के साथ-साथ देखने, सुनने, बोलने या व्यवहार से जुड़ी किसी विशेष सहायता की आवश्यकता है.
स्क्रीनिंग के बाद मिलेगी आवश्यक शैक्षणिक सहायता
स्क्रीनिंग से प्राप्त जानकारी के आधार पर जरूरतमंद विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक और सहयोगात्मक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जायेगी. विभाग का उद्देश्य विशेष जरूरत वाले बच्चों की प्रारंभिक स्तर पर पहचान कर उन्हें समावेशी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है. जिला स्तर पर स्क्रीनिंग कार्य की नियमित समीक्षा भी की जायेगी, ताकि निर्धारित अवधि में सभी विद्यालयों के विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग पूरी करायी जा सके.
