Kaimur Road Waterlogging: नुआंव प्रखंड के सीसौड़ा गांव में एनएच-319ए मोहनिया-बक्सर पथ की बदहाली राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है. गांव की मुख्य सड़क पर पिछले कई महीनों से गंदा पानी जमा है. जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क ने तालाब का रूप ले लिया है. गंदे पानी और जगह-जगह बने गड्ढों के बीच से होकर गुजरना लोगों की मजबूरी बन गया है.
पानी के नीचे छिपे गड्ढों से दोपहिया चालक परेशान
सड़क पर जलजमाव के कारण सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है. पानी के नीचे छिपे गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाने से आए दिन बाइक सवार असंतुलित होकर गिर रहे हैं. इससे उनके कपड़े खराब होने के साथ चोटिल होने का खतरा भी बना रहता है. पैदल राहगीरों को भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है.
घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर जमा
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के पूरब स्थित बस्ती से निकलने वाले घरों के गंदे पानी की निकासी के लिए समुचित नाला नहीं है. यही पानी बहकर मुख्य सड़क पर जमा हो रहा है. लगातार जलजमाव के कारण सड़क भी जर्जर होती जा रही है. इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है.
शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समस्या का समाधान
जलजमाव की समस्या को लेकर ग्रामीणों में जिम्मेदार विभागों के प्रति नाराजगी है. ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग और वाहन गुजरते हैं, लेकिन महीनों से बनी समस्या पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है. जनप्रतिनिधियों से लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों तक शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है.
स्थायी जल निकासी की व्यवस्था की मांग
ग्रामीण सुहैल खान, एयाज खान और साधु यादव ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा कि सड़क से गंदे पानी की निकासी के साथ स्थायी जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो बरसात में स्थिति और भयावह हो सकती है. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर राहगीरों को रोज-रोज की परेशानी से निजात दिलाने की मांग की है.
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