Kaimur RDO News : कैमूर जिले के रामगढ़ में रविवार की देर शाम उस वक्त उत्सव जैसा माहौल बन गया, जब 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) बने प्रवीण शर्मा अपने पैतृक गांव पहुंचे. उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे गांव को गर्व से भर दिया. गांव के लोगों ने जिस तरह से उनका स्वागत किया, वह किसी बड़े समारोह से कम नहीं था.
दिलदारनगर जंक्शन से ही प्रवीण शर्मा के स्वागत का सिलसिला शुरू हो गया था. जैसे ही वे स्टेशन पर पहुंचे, पहले से मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया और जोरदार नारेबाजी के बीच जुलूस की शक्ल में गांव की ओर रवाना हुए. रास्ते भर गांव और आसपास के लोग अपने घरों से निकलकर उनका अभिनंदन करते रहे. हर तरफ खुशी और गर्व का माहौल नजर आ रहा था.
BPSC 70 th : ढोल नगाड़ों के साथ निकला स्वागत जुलूस
दिलदारनगर से बड़ौरा तक का पूरा रास्ता जश्न में डूबा रहा. ढोल-नगाड़ों की गूंज और जयकारों के बीच निकला जुलूस लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा. युवा, बुजुर्ग और बच्चे सभी इस खुशी में शामिल हुए. कई जगहों पर लोगों ने जुलूस को रोककर प्रवीण शर्मा को फूल-माला पहनाई और मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं. गांव में प्रवेश करते ही माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया. ग्रामीणों ने उन पर फूलों की बारिश की और उन्हें मालाओं से लाद दिया. हर कोई इस सफलता को अपने गांव की उपलब्धि मान रहा था.
Kaimur News : जनप्रतिनिधियों ने बताया प्रेरणा का स्रोत
इस मौके पर पूर्व विधायक अशोक सिंह और पूर्व मुखिया अशोक सिंह भी मौजूद रहे. उन्होंने प्रवीण शर्मा को सम्मानित करते हुए कहा कि यह सफलता मेहनत, अनुशासन और दृढ़ निश्चय का नतीजा है. उन्होंने कहा कि प्रवीण ने यह साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी कठिन परीक्षा को पार किया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि गांव के युवाओं को प्रवीण शर्मा से प्रेरणा लेनी चाहिए और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटना चाहिए. यह सफलता पूरे क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आई है.
ग्रामीणों की उमड़ी भीड़, हर चेहरे पर खुशी
स्वागत समारोह में गांव के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. उदय प्रताप सिंह, निवेंदु सिंह, धनंजय सिंह समेत कई प्रमुख लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे. सभी ने प्रवीण शर्मा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. ग्रामीणों का कहना था कि गांव का कोई बेटा जब इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करता है, तो यह पूरे समाज के लिए गर्व की बात होती है. इस सफलता ने गांव के बच्चों और युवाओं में भी नई ऊर्जा भर दी है.
प्रवीण शर्मा की सफलता ने यह दिखा दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और लगन से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है. बड़ौरा गांव में हुआ यह भव्य स्वागत सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि उस विश्वास का प्रतीक है जो गांव अपने युवाओं पर करता है. अब लोगों को उम्मीद है कि प्रवीण शर्मा अपने पद पर रहते हुए समाज के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे.
