उत्क्रमित मध्य विद्यालय, महुआरी में मंगलवार को नशा मुक्ति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का संचालन वरीय शिक्षक कमलेश शर्मा ने किया. इस दौरान छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देकर इससे दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया.
नशे से स्वास्थ्य और परिवार पर पड़ता है असर
वरीय शिक्षक कमलेश शर्मा ने कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है. इसका असर उसके सामाजिक और आर्थिक जीवन पर भी पड़ता है. नशे की लत से परिवार और समाज भी प्रभावित होता है. उन्होंने बच्चों से हमेशा नशे से दूर रहने की अपील की.
नशामुक्त भारत के लिए जागरूकता जरूरी
शिक्षक ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता के साथ नशामुक्ति, उपचार और पुनर्वास को बढ़ावा देना जरूरी है. उन्होंने महात्मा गांधी के नशामुक्त समाज के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि नशामुक्त भारत अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाकर बेहतर भविष्य की ओर ले जाना है.
निबंध और पेंटिंग से दिया नशामुक्ति का संदेश
कार्यक्रम के दौरान शिक्षिका रीटा सिंह के सहयोग से छात्र-छात्राओं ने निबंध लेखन, पेंटिंग प्रदर्शनी और रंगोली के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश दिया. बच्चों की रचनात्मक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया.
शिक्षक और छात्र रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रभारी प्रधानाध्यापक परशुराम राम, शिक्षक अजय सिंह, कमलेश शर्मा, आशुतोष कुमार, शिक्षिका रीटा सिंह, शीला सिंह समेत विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्रा
