Kaimur Pregnant Woman Death : कैमूर के कुदरा में शुक्रवार को एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई, जहां निर्माणाधीन घर की छत गिरने से एक गर्भवती महिला की मलबे में दबकर मौत हो गई. मृतका की पहचान कुदरा थाना क्षेत्र के केवढ़ी गांव निवासी रंजू देवी के रूप में की गई है. जानकारी के आनुसार, महिला का डिलीवरी एक-दो दिनों के भीतर होने वाला था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया.
रंजू देवी के घर में इन दिनों ढलाई का काम चल रहा था. निर्माण के दौरान सीमेंट और मसाला तैयार करने के लिए कंडी-पटिया की बनी छत का इस्तेमाल किया जा रहा था. इसी बीच अचानक छत कमजोर होकर भरभराकर गिर गई. उस समय रंजू देवी घर के अंदर मौजूद थीं और देखते ही देखते वह मलबे के नीचे दब गईं.
Pregnant Woman Death : घटना के बाद मची अफरा-तफरी
जैसे ही छत गिरने की आवाज हुई, आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े. परिजनों और ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई. सभी लोग मिलकर महिला को बचाने में जुट गए. ग्रामीणों ने घंटों की मशक्कत के बाद मलबा हटाकर रंजू देवी को बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी.
जानकारी के आनुसार महिला गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं और बाहर निकालने के कुछ ही देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया. इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है. एक तरफ जहां घर में नए मेहमान के आने की तैयारी थी, वहीं इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया.
Kaimur News : परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
रंजू देवी की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और हर किसी की आंखें नम हैं. गर्भवती महिला की इस तरह मौत होने से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है.
Roof Collapse : पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना की सूचना मिलते ही कुदरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. कुदरा थानाध्यक्ष प्रियेश प्रियदर्शी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में छत गिरने से महिला की मौत की पुष्टि हुई है. पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
लापरवाही पर उठ रहे सवाल
इस हादसे के बाद निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सावधानी बरती जाती तो शायद इस तरह की घटना टाली जा सकती थी. अब लोग प्रशासन से भी मांग कर रहे हैं कि इस मामले की गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई की जाए.
यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सबक भी है. अब देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या उपाय किए जाते हैं.
