भगवानपुर से पंकज सिंह की रिपोर्ट:
Kaimur News: रविवार को प्रखंड कृषि कार्यालय भगवानपुर में प्रखंड स्तरीय शारदीय (खरीफ) महाअभियान 2026 का आयोजन किया गया. इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि रामेश्वर सिंह, उप प्रमुख प्रतिनिधि संजय सिंह उर्फ भोला सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अंकिता शेखर, प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं प्रगतिशील किसानों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया. इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ क्षेत्र के कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे.
किसानों को योजनाओं की दी गई जानकारी, फार्मर आईडी पर मिला मार्गदर्शन
इस महाअभियान कार्यक्रम का सफल संचालन कृषि समन्वयक शशि भूषण तिवारी द्वारा किया गया. कार्यक्रम में प्रखंड के विभिन्न गांवों से आए बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला कृषकों ने भाग लिया. उपस्थित किसानों को खरीफ मौसम में सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया. इसके साथ ही सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्राप्त करने के लिए फार्मर आईडी (Farmer ID) बनाने हेतु किसानों को आवश्यक जानकारी और प्रशिक्षण भी दिया गया.
क्या है फार्मर आईडी ?
फार्मर आईडी किसानों के लिए तैयार की गई एक विशेष डिजिटल पहचान है, जो उनके आधार नंबर से लिंक रहती है. इसमें किसान की व्यक्तिगत जानकारी के साथ उसकी कृषि भूमि, उगाई जा रही फसल और खेती से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड सुरक्षित रहते हैं. इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों का सत्यापित डाटाबेस तैयार करना है, ताकि सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक एवं पात्र किसानों तक ही पारदर्शी तरीके से पहुंच सके.
रासायनिक खाद का उपयोग कम करने और जैविक खेती अपनाने की अपील
कार्यक्रम में पहुंचे कृषि वैज्ञानिक मनीष कुमार ने ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं. उन्होंने मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने और इसकी जगह जैविक खाद का अधिक से अधिक प्रयोग करने के बारे में विस्तार से बताया. वैज्ञानिकों ने जोर दिया कि अंधाधुंध रासायनिक खादों के प्रयोग से खेतों की उर्वरा शक्ति कमजोर हो रही है, जिसे जैविक तौर-तरीकों से ही बचाया जा सकता है.
फसलों की बीमारियों पर वैज्ञानिकों की सलाह
इसके बाद कृषि वैज्ञानिक डॉ. नीरज कुमार चौधरी ने किसानों को धान के सुगंधित प्रभेद, ज्वार, बाजरा और मक्का की उन्नत खेती के बारे में जानकारी दी. उन्होंने धान में होने वाली बीमारियों और विशेषकर झुलसा रोग के नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपाय बताए. डॉ. चौधरी ने किसानों को सलाह दी कि झुलसा रोग के नियंत्रण के लिए कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 2 ग्राम दवा का प्रयोग प्रति लीटर पानी के हिसाब से करें.
गीत के माध्यम से पराली प्रबंधन पर जागरूकता, कई लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम के अंतिम चरण में उप परियोजना निदेशक ‘आत्मा’ द्वारा प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी दी गई. उन्होंने बीजामृत, जीवामृत, आच्छादन, वापसा के प्रयोग एवं उर्वरकों के संतुलित उपयोग के फायदों के बारे में किसानों को समझाया. इस दौरान पूर्व मुखिया मुसाफ़िर राम ने एक सुंदर गीत के माध्यम से रासायनिक उर्वरकों के नुकसान और पराली न जलाने को लेकर किसानों को बड़े ही रोचक अंदाज में जागरूक किया. इस अवसर पर रामेश्वर तिवारी, शैलेन्द्र कुमार, सत्य प्रकाश सिंह, विभिन्न किसान सलाहकार समेत कृषि विभाग के कई अन्य कर्मी और प्रगतिशील किसान मुख्य रूप से मौजूद रहे.
