Kaimur News : अमित कुमार सिन्हा की रिपोर्ट : बिहार का कैमूर जिला धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद समृद्ध माना जाता है. यहां कई सुप्रसिद्ध देवी-देवताओं के मंदिर स्थित हैं, जिनमें सबसे प्रमुख भगवानपुर की पवरा पहाड़ी पर स्थापित आदि शक्तिपीठ माता मुंडेश्वरी का मंदिर है. शनिवार को सुबह से ही इस अति प्राचीन और विख्यात मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही. स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में बाहरी पर्यटक भी माता के दर्शन के लिए पहुंचे.
घंटे-घड़ियाल की गूंज के बीच हुआ माता का श्रृंगार
मंदिर के मुख्य पुजारी उमेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि शनिवार सुबह मंदिर के कपाट खुलने के बाद विशेष साफ-सफाई की गई. इसके बाद घंटे-घड़ियाल की सुमधुर ध्वनि के बीच माता की आराधना की गई और उन्हें ‘तांडुलम’ (जो कि मंदिर का मुख्य प्रसाद है) का भोग लगाया गया. इस दौरान पूरा मंदिर परिसर माता के जयकारों से गुंजायमान रहा. शनिवार के विशेष अवसर पर मंदिर में स्थापित प्राचीन पंचमुखी शिवलिंग की भी विधि-विधान से पूजा और आरती संपन्न हुई.
ऋतुओं के अनुसार बदलता है पूजा का समय
धार्मिक न्यास समिति के सचिव गोपाल जी प्रसाद ने जानकारी दी कि मौसम और ऋतुओं के अनुसार मंदिर में पूजा और आरती का समय निर्धारित किया जाता है. मुख्य पुजारी के अनुसार, वर्तमान में ग्रीष्म ऋतु (गर्मी के मौसम) को देखते हुए आरती का समय इस प्रकार तय किया गया है:
सुबह की आरती व भोग: प्रात: 6.30 बजे
दोपहर की आरती: अपराह्न 11.30 बजे
संध्या आरती: शाम 6.30 बजे
इन तीनों समय होने वाली विशेष आरती में भाग लेने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु जुटते हैं.
नवरात्र में जुटती है लाखों की भीड़
पवरा पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि वास्तुकला का भी अद्भुत बेजोड़ नमूना है. हर साल शारदीय और चैत्र नवरात्र के दौरान यहां देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु माता मुंडेश्वरी के दरबार में मत्था टेकने और मन्नतें मांगने आते हैं.
