Kaimur News (राजू कुमार) : जनभागीदारी को बढ़ावा देने और अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शुक्रवार को कैमूर जिले के रामपुर प्रखंड अंतर्गत पानापुर गांव में ‘जनजातीय गरिमा उत्सव’ के तहत एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया. इस शिविर की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) दृष्टि पाठक ने की. इस अवसर पर प्रखंड प्रमुख घूरा सिंह यादव भी गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे.
इस विशेष शिविर में प्रखंड स्तरीय जीविका प्रबंधक अनिल कुमार चौबे, पंचायत कर्मी, विकास मित्र, आवास सहायक तथा बड़ी संख्या में अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय के ग्रामीण शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों द्वारा अनुसूचित समाज को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई और उन्हें जागरूक किया गया.
मौके पर ही जांच और प्रमाण पत्रों के लिए लिए गए आवेदन
शिविर में ग्रामीणों की सहूलियत के लिए ऑन द स्पॉट सेवाएं दी गईं. मौके पर ही विभिन्न आवेदकों से जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र के लिए कुल 47 आवेदन प्राप्त किए गए. इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष टीम ने शिविर में मौजूद 65 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की और जरूरतमंदों के बीच मुफ्त दवाओं का वितरण किया.
कैंप के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने जमीन, प्रधानमंत्री आवास योजना, नल-जल योजना और राशन कार्ड से जुड़ी अपनी-अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं. बीडीओ दृष्टि पाठक ने सभी जनशिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित पदाधिकारियों को 15 दिनों के अंदर इन सभी मामलों का निष्पादन करने का सख्त निर्देश दिया.
पात्र व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन का मुख्य मकसद: बीडीओ
शिविर को संबोधित करते हुए बीडीओ दृष्टि पाठक ने कहा कि जनजातीय गरिमा उत्सव का मुख्य मकसद अनुसूचित समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है. कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे, यह प्रशासनिक स्तर पर हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.
वहीं, प्रखंड प्रमुख घूरा सिंह यादव ने भी लोगों से इन सरकारी योजनाओं का बढ़-चढ़कर लाभ उठाने की अपील की. उन्होंने कहा कि जनजातीय गरिमा उत्सव बिहार सरकार का एक विशेष और सराहनीय अभियान है, जिसके तहत अधिकारी खुद अनुसूचित बहुल क्षेत्रों में जाकर कैंप लगा रहे हैं. इस पूरे अभियान का मुख्य फोकस शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और उनके अधिकारों को सुदृढ़ करने पर है. पानापुर के ग्रामीणों ने इस सफल शिविर के आयोजन पर बेहद खुशी जताई और कहा कि यह पहली बार है जब प्रशासनिक अधिकारी खुद चलकर उनके गांव आए हैं.
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