दुर्गावती से सच्चिदानंद सिंह की रिपोर्ट :
Kaimur News: कैमूर जिले के दुर्गावती प्रखंड में इन दिनों 11 हजार केवीए की धारा प्रवाहित बिजली तार के ठीक ऊपर से गुजरी 33 हजार केवी की लाइन लोगों और बिजली कर्मियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है. तेज आंधी-बारिश और हल्की हवा चलने पर भी 33 केवीए का भारी-भरकम तार अक्सर टूटकर नीचे मौजूद 11 केवीए की लाइन पर गिर जाता है और उसमें फंसकर सट जाता है. ऐसे में इलाके में अक्सर किसी बड़ी अनहोनी और जान-माल के नुकसान का खतरा बना रहता है.
इन गांवों के ऊपर से गुजरी है हाईटेंशन लाइन
यह खतरनाक स्थिति इन दिनों स्थानीय क्षेत्र के न्यू कर्मनाशा ग्रिड (खामीदौरा) से निकल कर मरहिया-खरिगावां पथ के किनारे से होते हुए गोरार, सरियाव, कुशहरिया तथा बालुभेरिया, लेदरी व चैनपुर प्रखंड के खरिगावां होते हुए चांद प्रखंड की तरफ जाने वाली 33 केवी विद्युत तार की बनी हुई है. यह मुख्य तार टूटने के बाद सीधे कुशहरिया पावर हाउस से निकलकर विभिन्न गांवों की ओर जाने वाली 11 केवी की सप्लाई लाइन पर गिर जाता है. इससे कभी भी कोई छोटी या बड़ी अनहोनी घटना घट सकती है.
संयोग से कटी थी बिजली, टल गया एक बड़ा हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, कुशहरिया पावर हाउस से निकलकर इलाके के विभिन्न गांवों में 11 केवी की बिजली सप्लाई की जाती है, जिसके ऊपर से कई जगहों पर 33 केवीए का तार गुजरा हुआ है. शनिवार की दोपहर बाद क्षेत्र में अचानक तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई. इसी दौरान आंधी के झोंके से 33 केवी का मुख्य तार टूटकर 11 केवीए की चालू लाइन पर जा गिरा और उसमें फंस गया. हालांकि, संयोग बेहद अच्छा था कि ठीक उसी समय बिजली कट गई थी. आंधी-पानी को देखते हुए बिजली कर्मी भी पूरी तरह सतर्क थे और इस रूट में एचटी व एलटी लाइन पर कहीं भी मरम्मत का कार्य नहीं चल रहा था, जिससे कई जानें बच गईं.
क्रॉसिंग वाले संवेदनशील जगहों पर केबल लगाने की मांग
इस गंभीर समस्या को लेकर बिजली कर्मियों का कहना है कि न्यू कर्मनाशा ग्रिड (खामीदौरा) से निकलकर 33 हजार वोल्ट की बिजली इस पूरे इलाके से होकर चांद प्रखंड की ओर जाती है. बार-बार तार टूटने की घटनाओं से आम जनता के साथ-साथ फील्ड में काम करने वाले बिजली कर्मियों में भी डर का माहौल बना हुआ है. स्थानीय ग्रामीणों और बिजली विभाग के कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जहां-जहां दोनों लाइनों की क्रॉसिंग होती है, उन संवेदनशील जगहों पर खुले तारों को हटाकर सुरक्षित इंसुलेटेड केबल लगाए जाएं ताकि भविष्य में किसी भी बड़े हादसे को रोका जा सके.
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