Kaimur News(सच्चिदानंद सिंह): शनिवार को स्थानीय थाना क्षेत्र के एक होटल से पांच बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया. मिली जानकारी के अनुसार श्रम संसाधन विभाग कैमूर श्रम अधीक्षक चंदन कुमार द्वारा धावा दल का गठन किया गया. बाल और किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986 के अंतर्गत बाल श्रम रोकथाम एवं बाल श्रम विमुक्ति हेतु धावादल शनिवार को इलाके में पहुचा. उक्त धावा दल में मुख्य रूप से प्रखंड श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अजितेश कुमार तिवारी एवं एसएचओ गिरीश कुमार शामिल रहे.
पांच बाल श्रमिकों को छुड़ाया गया
इसी क्रम में प्रखंड स्थित कई दुकानों एवं प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण और छापेमारी की गई. इस दौरान एनएच -19 के उत्तर दिशा की तरफ राजगीर होटल प्रतिष्ठान में पांच बाल श्रमिक काम करते हुए पाए गए. जिन्हें छुड़ाया गया. विमुक्त बाल श्रमिक में से 4 उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से और एक कैमूर के अधौरा प्रखंड का रहने वाला है. बाल श्रमिकों को विमुक्त कराने के बाद सभी को दादर स्थित बाल कल्याण समिति को सुपुर्द किया गया और प्रतिष्ठान के नियोजक पर एफआईआर भी दर्ज कराई गयी.
14 साल से कम के बच्चों से काम करवाना अपराध
बता दें कि बाल और किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986 के तहत 14 वर्ष से कम के बच्चों से किसी भी तरह का कार्य करवाना तथा 14 से 18 वर्ष के बीच के किशोरों से जोखिम भरे कार्य करवाना एक संज्ञेय अपराध है जिसके लिए 2 साल तक का कारावास और 50000 रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है.
साथ ही साथ एमसी मेहता बनाम तमिलनाडु राज्य रिट पिटीशन में माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में प्रति विमुक्त बाल श्रमिक रुपए 20000 के अतिरिक्त जुर्माने का भी प्रावधान है. उल्लेखनीय है कि प्रति विमुक्त बाल श्रमिक रुपए 3000 की तत्काल सहायता राशि राज्य सरकार द्वारा बाल श्रमिकों को दी जाती है. इस धावा दल में शामिल अन्य पदाधिकारी राजीव रंजन निखर, प्रखंड मोहनिया, जय गोप रहे.
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