Kaimur Drowning Death Incident : कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां रविवार की सुबह तालाब में नहाने के दौरान एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई. मृतक की पहचान कमती गांव निवासी स्वर्गीय छविनाथ यादव के 45 वर्षीय पुत्र सुरेश यादव के रूप में की गई है. इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
जानकारी के मुताबिक, सुरेश यादव रविवार की सुबह करीब सात बजे अपने घर से रोज की तरह तालाब में नहाने के लिए निकले थे. गांव के पास स्थित तालाब में स्नान के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे. शुरुआत में किसी को इस बात का अंदाजा नहीं हुआ, लेकिन कुछ ही देर बाद आसपास मौजूद लोगों की नजर उन पर पड़ी तो शोर मचाया गया.
Kaimur News : ग्रामीणों ने किया बचाने का प्रयास
शोर सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और सुरेश यादव को बचाने के लिए तालाब में कूद पड़े. ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. बाहर निकालते ही लोगों को अंदेशा हो गया कि उनकी हालत गंभीर है.
आनन-फानन में उन्हें संभालने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी सांसें थम चुकी थीं. इस घटना ने वहां मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया. देखते ही देखते गांव में यह खबर फैल गई और लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई.
Police Investigation : पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही भभुआ थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला डूबने से मौत का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
ग्रामीणों के अनुसार, सुरेश यादव रोजाना की तरह ही सुबह तालाब में नहाने गए थे. किसी को यह अंदाजा नहीं था कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी सुबह होगी. अचानक हुई इस घटना से गांव के लोग स्तब्ध हैं और हर कोई इस हादसे से दुखी नजर आ रहा है. मृतक अपने पीछे परिवार के कई सदस्यों को छोड़ गए हैं. उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.
यह हादसा एक बार फिर सतर्कता की जरूरत को उजागर करता है. प्रशासन और ग्रामीणों के लिए यह जरूरी है कि ऐसे तालाबों और जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके.
