Kaimur News : जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है. इसके तहत विभिन्न स्तरों पर लोगों को फाइलेरिया के दुष्प्रभाव और बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है. वहीं, हाथीपांव से ग्रसित मरीजों को एमएमडीपी किट भी उपलब्ध करायी जा रही है. जागरूकता की कमी और सामाजिक कलंक के डर से कई लोग बीमारी के लक्षणों को छिपाते हैं. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग का जोर लोगों को जागरूक करने के साथ प्रभावित मरीजों को सम्मान और सहयोग देने पर है.
जिले में 1099 फाइलेरिया मरीज प्रतिवेदित
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में फिलहाल 1099 फाइलेरिया मरीज प्रतिवेदित हैं. इनमें से 600 मरीजों को विभाग की ओर से एमएमडीपी किट उपलब्ध करायी जा चुकी है. विभाग का प्रयास है कि फाइलेरिया से प्रभावित सभी मरीजों तक आवश्यक देखभाल और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचायी जाएं.
एमडीए राउंड में दवा का सेवन जरूरी : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने बताया कि हर वर्ष संचालित होने वाले एमडीए राउंड के दौरान फाइलेरिया की दवा का सेवन करना चाहिए. लगातार पांच वर्षों तक साल में एक बार दवा का सेवन करने से लोग फाइलेरिया से स्वयं को सुरक्षित रख सकते हैं. उन्होंने बताया कि हाथीपांव और हाइड्रोसिल दोनों फाइलेरिया के रूप हैं और हाइड्रोसिल का उपचार ऑपरेशन के माध्यम से संभव है.
गंभीर बीमारी को नजरअंदाज नहीं करने की अपील
सिविल सर्जन ने कहा कि यदि घर में किसी एक व्यक्ति को हाइड्रोसिल की बीमारी है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि घर में मौजूद अन्य लोगों के भी इससे प्रभावित होने की आशंका रहती है. बढ़े हुए हाइड्रोसिल को फाइलेरिया का लक्षण मानते हुए इसकी रोकथाम के लिए एमडीए अभियान के दौरान दवा का सेवन करना जरूरी है. सरकार की ओर से हर वर्ष लोगों को एक बार निःशुल्क दवा खिलाने के लिए एमडीए कार्यक्रम चलाया जाता है. उन्होंने लोगों से आगे आकर दवा का सेवन करने और फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की.
रोगी हितधारक मंच बना जागरूकता का सशक्त माध्यम
सिविल सर्जन ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामुदायिक स्तर पर लोगों का जागरूक होना सबसे जरूरी है. सिफार के तकनीकी सहयोग से गठित रोगी हितधारक मंच इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. मंच से जुड़े कई सदस्य स्वयं फाइलेरिया मरीज हैं और समुदाय के बीच जाकर लोगों को बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक कर रहे हैं.
20 रोगी हितधारक मंच कर रहे जागरूकता का काम
जिले में सीएचओ के नेतृत्व में 20 रोगी हितधारक मंचों का गठन किया गया है. ये मंच जिला फाइलेरिया कार्यालय के मार्गदर्शन में अपनी भूमिका निभा रहे हैं. इनका उद्देश्य फाइलेरिया से प्रभावित लोगों को जागरूक करने के साथ समुदाय में बीमारी से बचाव और उपचार के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करना है.
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ग्रामसभा में खुद दवा खाकर लोगों को किया जागरूक
रामपुर प्रखंड के सबार पंचायत के मुखिया बिनय दुबे, जो स्वयं रोगी हितधारक मंच के सदस्य हैं, ने बताया कि जनप्रतिनिधियों का काम केवल सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारना ही नहीं, बल्कि पंचायत के लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी है. उन्होंने फरवरी में संचालित एमडीए अभियान के दौरान ग्रामसभा आयोजित कर समुदाय के बीच खुद दवा खायी और लोगों को बताया कि दवा का कोई दुष्प्रभाव नहीं है तथा फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा का सेवन जरूरी है.
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विभाग और समुदाय के बीच सेतु का काम कर रहा मंच
सबार पंचायत स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर के सीएचओ रितेश कुमार ने बताया कि रोगी हितधारक मंच विभाग और समुदाय के बीच सेतु का काम कर रहा है. मंच के सदस्य लोगों तक फाइलेरिया से जुड़ी जानकारी पहुंचाने के साथ उन्मूलन कार्यक्रम में अपनी भूमिका निभा रहे हैं.
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