Kaimur: बिहार के कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र में कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष उमाशंकर पासवान (66 वर्ष) ने गुरुवार को आत्महत्या कर ली. वह सोनडिहरा गांव के निवासी थे. उमाशंकर पासवान दलित समाज से जुड़े वरिष्ठ नेता थे और लंबे समय से कांग्रेस पार्टी में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे.
क्या बोले परिजन
परिजनों ने बताया कि गुरुवार की सुबह उमाशंकर ने अपने ही घर के एक कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी. करीब चार बजे घर की महिलाएं बाहर गई थीं. इसी दौरान उन्होंने दूसरे कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया. काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को शक हुआ. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर देखा गया, जहां उमाशंकर पंखे से लटके मिले.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
मौके से मिला सुसाइड नोट
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने आत्महत्या की वजह बताई है. बताया गया है कि वह लंबे समय से कर्ज में डूबे हुए थे. कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने अपनी जमीन तक बेच दी थी, लेकिन जमीन खरीदने वाले व्यक्ति ने उन्हें पूरा पैसा नहीं दिया. इसी बात से वह मानसिक रूप से काफी परेशान थे.
सुसाइड नोट में उमाशंकर पासवान ने लिखा है कि उन्होंने अलग-अलग समय पर अपनी जमीन बेची थी, लेकिन तय रकम नहीं मिल पाई. इसके अलावा उन्होंने बैंक से लिए गए लोन का भी जिक्र किया है. कर्ज चुकाने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था, जिससे वह तनाव में रहने लगे थे.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उमाशंकर पिछले कुछ दिनों से बेहद परेशान थे. मामले की जांच की जा रही है और सुसाइड नोट के आधार पर हर पहलू को खंगाला जा रहा है. कांग्रेस के जिला नेताओं ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है और इसे पार्टी के लिए बड़ी क्षति बताया है.
इसे भी पढ़ें: सम्राट चौधरी का बड़ा एलान, 2026 तक पूरे होंगे सभी वादे, लगेंगे बड़े उद्योग
