Mohania Checkpost Raid : कैमूर जिले के मोहनिया जीटी रोड चेकपोस्ट पर ट्रकों से अवैध वसूली के संगठित नेटवर्क का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. एसपी शिखर चौधरी के निर्देश पर आधी रात हुई छापेमारी में चार सैप जवान और पांच कथित इंट्री माफिया को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने मौके से 57,760 रुपये नकद और नौ मोबाइल फोन बरामद किए हैं. जांच में खुलासा हुआ कि ट्रकों को ट्रॉली लगाकर जबरन रोका जाता था और अवैध वसूली की रकम चेकपोस्ट के पास बनी झोंपड़ियों में छिपाकर रखी जाती थी.
Kaimur News : गुप्त सूचना के बाद आधी रात हुई कार्रवाई.
भभुआ कार्यालय के अनुसार जिले की कमान संभालने के बाद से ही एसपी शिखर चौधरी को मोहनिया चेकपोस्ट पर ट्रकों को बिना वैध प्रक्रिया के बिहार सीमा में प्रवेश कराने और अवैध वसूली की लगातार शिकायतें मिल रही थीं. सूचना की पुष्टि होने के बाद एसपी के निर्देश पर मोहनिया एसडीपीओ गोपाल कृष्ण, ट्रैफिक एसडीपीओ और भारी पुलिस बल की संयुक्त टीम ने मध्य रात्रि में अचानक छापेमारी की. पुलिस की घेराबंदी से मौके पर भगदड़ मच गई, लेकिन टीम ने नौ लोगों को मौके से ही दबोच लिया.
ट्रॉली लगाकर रोके जाते थे ट्रक, झोंपड़ियों में रखा जाता था कैश.
एसडीपीओ गोपाल कृष्ण ने बताया कि परिवहन विभाग के वाहन जांच केंद्र के पास बनारस आने-जाने वाली दोनों लेनों के किनारे अस्थायी झोंपड़ियां बनाई गई थीं. उत्तर प्रदेश और गया की ओर से आने वाले ट्रकों को जीटी रोड पर ट्रॉली लगाकर जबरन रोक दिया जाता था. इसके बाद सैप जवान स्थानीय इंट्री माफियाओं के साथ मिलकर ट्रक चालकों से नकद वसूली करते थे. पैसे मिलने के बाद ट्रॉली हटाकर ट्रकों को बिहार सीमा में प्रवेश कराया जाता था. वसूली की पूरी रकम झोंपड़ियों में छिपाकर रखी जाती थी.
बिना रसीद और चालान मशीन के होती थी वसूली.
छापेमारी के दौरान मौजूद ट्रक चालकों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि उनसे जबरन पैसे वसूले जाते थे. विरोध करने पर प्रताड़ित किया जाता था. पैसे लेने के बावजूद न तो कोई सरकारी रसीद दी जाती थी और न ही मौके पर चालान काटने की कोई मशीन उपलब्ध थी. पुलिस ने घटनास्थल से 57,760 रुपये नकद और नौ मोबाइल फोन बरामद किए, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है.
सरकारी राजस्व को लग रहा था करोड़ों का नुकसान.
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मोहनिया चेकपोस्ट से गुजरने वाले मालवाहक वाहनों से परिवहन विभाग द्वारा वसूले जाने वाले टैक्स से बचाने के लिए यह पूरा नेटवर्क सक्रिय था. सैप जवान और इंट्री माफिया मिलकर बिना सरकारी टैक्स चुकाए ट्रकों को बिहार सीमा में प्रवेश कराते थे. इससे बिहार सरकार के राजस्व को प्रतिदिन भारी नुकसान पहुंच रहा था.
चार सैप जवान और पांच कथित इंट्री माफिया गिरफ्तार.
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान चार सैप जवानों और पांच कथित इंट्री माफियाओं को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार सैप जवानों में नवल किशोर प्रसाद, अनिल कुमार सिंह, चंद्रभूषण सिंह यादव और मनोज कुमार शामिल हैं. वहीं कथित इंट्री माफियाओं की पहचान दुर्गावती थाना क्षेत्र के धनेक्षा गांव निवासी अनिल कुमार, भलुआरी गांव निवासी मदन खरवार, मोहनिया के उसरी गांव निवासी वीर बहादुर पासवान, अकोढ़ी गांव निवासी संतोष कुमार तथा कुदरा निवासी नीरज कुमार सिंह के रूप में हुई है.
एसडीपीओ ने बताया कि सभी आरोपितों के खिलाफ मोहनिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस अवैध वसूली नेटवर्क के तार किन अन्य लोगों, अधिकारियों या प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़े हुए थे.
2016 में भी हो चुका है बड़ा खुलासा.
मोहनिया चेकपोस्ट पहले भी अवैध वसूली को लेकर चर्चा में रह चुका है. वर्ष 2016 में तत्कालीन एसपी हरप्रीत कौर ने इसी चेकपोस्ट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 32 सैप जवानों को गिरफ्तार किया था. उस समय उनके पास से 6.38 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे और बाद में सभी जवानों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था. पुलिस का कहना है कि इस बार भी पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है ताकि इस अवैध धंधे से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
