Kaimur Airport : बिहार के एक और जिले को सरकार एयरपोर्ट की सौगात देने वाली है. तीन महीने पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ऐलान के बाद कैमूर में एयरपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया अब आगे बढ़ने लगी है. जिला प्रशासन ने हवाई अड्डे के लिए जमीन चिह्नित कर ली है और करीब 161 एकड़ भूमि का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है. रामपुर प्रखंड में भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के बगल में एयरपोर्ट के लिए जमीन का चयन किया गया है. सरकार से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण की आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
रामपुर में तीन मौजा की जमीन का चयन
एयरपोर्ट निर्माण के लिए रामपुर प्रखंड के रामपुर, सबार और पाली मौजा में लगभग 161 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है. जिला प्रशासन के अनुसार, जमीन का चयन करने के बाद डीएम के माध्यम से इसका प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है. अब सरकार के स्तर से प्रक्रिया पूरी होने और हरी झंडी मिलने का इंतजार है.
डीएम ने अफसरों के साथ की बैठक
कैमूर के डीएम कुमार अनुराग ने दो दिन पहले कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय में जिले के वरीय अधिकारियों के साथ बैठक की थी. बैठक में एयरपोर्ट के लिए चिह्नित भूमि और उससे जुड़ी प्रक्रिया पर काम आगे बढ़ाने के निर्देश दिये गये. इसके बाद राजस्व और संबंधित विभागों के पदाधिकारी आवश्यक दस्तावेजों को दुरुस्त करने में जुट गये हैं.
तीन महीने पहले हुआ था एयरपोर्ट का ऐलान
कैमूर में एयरपोर्ट बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बीते 16 जून को मां मुंडेश्वरी धाम में आयोजित एक सभा के दौरान की थी. घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट निर्माण के लिए जमीन की तलाश और अन्य जरूरी प्रक्रिया शुरू की. अब जमीन चिह्नित कर सरकार को प्रस्ताव भेजे जाने के बाद इस दिशा में अगला कदम सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा.
गंभीर मरीजों को बड़े शहर ले जाने में होगी सुविधा
कैमूर में एयरपोर्ट शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों तक ले जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है. हवाई संपर्क उपलब्ध होने से आपात स्थिति में मरीजों को दूसरे शहरों तक पहुंचाने का विकल्प आसान होगा. इससे जिले के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से भी सुविधा मिल सकती है.
शाहाबाद क्षेत्र का हवाई संपर्क होगा मजबूत
कैमूर में एयरपोर्ट बनने से केवल जिले को ही नहीं, बल्कि पूरे शाहाबाद क्षेत्र के हवाई संपर्क को मजबूती मिलने की बात कही जा रही है. जिले से दूरदराज के छोटे-बड़े शहरों और महानगरों तक पहुंच आसान होने से लोगों के आवागमन में सुविधा होगी. हवाई सेवा शुरू होने पर क्षेत्रीय स्तर पर संपर्क का दायरा भी बढ़ेगा.
पर्यटन स्थलों तक पहुंच होगी आसान
कैमूर अपने धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के लिए भी जाना जाता है. मां मुंडेश्वरी धाम, करकटगढ़, दुर्गावती जलाशय डैम और तेल्हाड़ कुंड जैसे स्थानों तक बाहर से आने वाले पर्यटकों की पहुंच आसान होने की उम्मीद है. हवाई संपर्क मिलने के बाद इन पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में मदद मिल सकती है.
व्यापार-रोजगार को मिलेंगी रफ्तार
एयरपोर्ट बनने से जिले के व्यापार और स्थानीय उद्योगों के विस्तार का रास्ता भी खुल सकता है. हवाई संपर्क बेहतर होने से कारोबारियों और दूसरे शहरों से आने वाले लोगों का आवागमन आसान होगा. एयरपोर्ट के आसपास आतिथ्य, परिवहन और अन्य स्थानीय सेवाओं के विस्तार से रोजगार के अवसर बढ़ने की भी संभावना है.
अब सरकार की मंजूरी का इंतजार
फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है. स्थानीय स्तर पर संबंधित विभाग दस्तावेजों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया में जुटे हैं. सरकार से मंजूरी मिलने के बाद एयरपोर्ट निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी. कैमूर में एयरपोर्ट की घोषणा के बाद अब जमीन चिह्नित होने से लोगों की नजर सरकार की अगली मंजूरी पर है.
